हर्ष कुमार/न्यूज11 भारत
नालंदा/डेस्क: नालंदा के एक आर्मी जवान की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई. शुक्रवार की रात जेसीओ सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45) का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मोकरमपुर मिर्चायगंज पहुंचा, जहां पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल गमगीन हो गया. ग्रामीणों ने 'शहीद सुमन कुमार अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी. पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखती रही, वहीं बच्चे अपने पिता को एकटक निहारते रहे.यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया.
सुमन कुमार सिंह लद्दाख में तैनात थे. ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सेना के बचाव दल ने उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया. पिछले करीब एक महीने से उनका इलाज लखनऊ के अस्पताल में चल रहा था. वे ब्लड कैंसर और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 27 मार्च को उन्होंने अंतिम सांस ली. परिजनों ने बताया कि सुमन कुमार अपने परिवार के स्तंभ थे. दो भाइयों में वे बड़े थे, जबकि उनके छोटे भाई सीआईएसएफ में कार्यरत हैं. अंतिम संस्कार में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार भी शामिल हुए और दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की.
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि शहीद जवान की सेवा बेकार नहीं जाएगी. परिजनों को इस संकट में धैर्य रखने की जरूरत है.राज्य सरकार के नियमानुसार जो भी आगे की कार्रवाई है वह किया जाएगा. वही ग्रामीणों ने सरकारी सहायता के तहत दी जाने वाली सुविधाओं कीअंग की है. मंत्री श्रवण कुमार ने इस पर भरोसा भी दिया है.शहीद सुमन कुमार सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं. उनका बलिदान और समर्पण हमेशा याद किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: रामनवमी पर भक्ति और भाईचारे का संगम, मुस्लिम समुदाय ने शोभा यात्रा पर की पुष्प वर्षा