न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पूजा शर्मा / पटना: पटना नगर निगम की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स के सेल्फ असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब बिजली बिल के आधार पर संपत्तियों का सर्वे होगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल होगा, ताकि कम समय में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से कॉन्टैक्ट किया जा सके।
पटना नगर निगम में 7 लाख उपभोक्ता
पटना नगर निगम क्षेत्र में लगभग 7 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं, जबकि प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लगभग 3 लाख संपत्तियां ही रजिस्टर्ड हैं। विद्युत उपभोक्ताओं और प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट के बीच मौजूद इस अंतर को कम करने, रजिस्टर्ड होल्डिंग्स की संख्या में वृद्धि करने और निगम के टैक्स बेस का विस्तार करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने एक विशेष अभियान शुरू किया है।
कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम का गठन
इस अभियान के तहत नगर निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम हर दिन विद्युत उपभोक्ताओं से फोन के माध्यम से संपर्क कर उनकी प्रॉपर्टी, SAS संख्या और प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान से संबंधित जानकारी प्राप्त करेगी। इस संपर्क के दौरान संबंधित उपभोक्ताओं को अपनी संपत्ति का टैक्स असेसमेंट कराने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
रोजाना पेश करना होगा रिपोर्ट
इस अभियान की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए टीम के सभी सदस्य प्रतिदिन अपने काम का रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। ऊर्जा विभाग द्वारा पटना नगर निगम को 6,97,792 विद्युत उपभोक्ताओं का डिटेल उपलब्ध कराया गया है। इनमें से 6,18,244 उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। अभियान के प्रथम चरण में उन्हीं उपभोक्ताओं से संपर्क किया जा रहा है, जिनके मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं।