बरवाडीह: कड़ाके की ठंड शुरू, सरकारी कंबल अब तक नदारद

बरवाडीह: कड़ाके की ठंड शुरू, सरकारी कंबल अब तक नदारद

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प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क: कनकनी लगातार बढ़ती जा रही है. उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान हर दिन नीचे जा रहा है और कड़ाके की ठंड ने गरीब तबके को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है लेकिन अब तक सरकार की ओर से मिलने वाले कंबल जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाए हैं. आलम यह है कि कई गांवों और शहरी इलाकों में पिछले वर्षों की तरह अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है. सड़कों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य बाजार क्षेत्र में अलाव न होने से आम लोगों, खासकर मजदूर वर्ग और राहगीरों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है. शाम ढलते ही लोगों को घरों में दुबकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. 

लेकिन सामाजिक दायित्व के नाम पर किसी ने भी आगे बढ़कर पहल नहीं कीहै. चुनाव के समय 'समाज सेवा' का दावा करने वाले कई संगठन और व्यक्तित्व भी इस बार मैदान से गायब नजर आ रहे हैं. 

ठंड के मौसम में राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण करती रही हैं. परंतु इस वर्ष प्रशासन की सुस्ती के साथ-साथ इन संगठनों की सक्रियता भी उल्लेखनीय रूप से कम दिख रही है. जानकार बताते हैं कि पहले जिला प्रशासन द्वारा सरकारी कंबल का आवंटन होते ही उन्हें जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बांटाजाता था, लेकिन इस बार कंबल आवंटन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है, जिससे वितरण पूरी तरह ठप पड़ा है. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्दी कार्रवाई नहीं करता, तो  गरीब और दैनिक मजदूर वर्ग के सामने ठंड से निपटना और भी मुश्किल हो जाएगा.

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