प्रशांत शर्मा/न्यूज11 भारत
हजारीबाग/डेस्क:- एक ओर जहां बरकट्ठा प्रखंड विकास पदाधिकारी अमृता सिंह मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित वसूली की कार्रवाई कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ मामलों में चुप्पी साध लेने से उनके कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्राम बरियौन के ग्रामीणों ने बीडीओ अमृता सिंह को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि मनरेगा योजना के तहत निरज सिंह, पिता सुरेश सिंह के नाम से 80×80×10 का डोभा निर्माण स्वीकृत किया गया था. लेकिन बिना कोई काम किए दुसरे का डोभा दिखा कर ही ₹1,54,629 रूपए की पूरी राशि निकाल ली गई. वहीं आभा देवी पति अजय सिंह के द्वारा वन भूमि पर दीदी बगिया योजना के तहत ₹82,773 की निकासी कर निर्माण कार्य करा दिया गया, जो नियम विरुद्ध है. ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों मामलों की जानकारी बीडीओ को दी गई, लेकिन अब तक न तो कोई जांच की गई और न ही नोटिस भेजा गया है. जबकि अन्य मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. इससे प्रखंड में भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर आक्रोश फैल रहा है. ग्रामीणों ने जिले के वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर संज्ञान लेता है या नहीं.