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पटना/डेस्क: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा है कि धार्मिक–सामाजिक आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि उनके विभाग ने रामनवमी मेला के लिए पटना को 50 लाख, दरभंगा को 05 लाख, औरंगाबाद के देव में चैती छठ मेला के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत कियूए हैं. इसके अलावा उलार में चैती छठ मेला के लिए 06 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अररिया के सुंदरीमठ में सम्पन्न महाशिवरात्रि मेला के खर्च के भुगतान को 15 लाख एवं सीताकुंड मेला, मुंगेर के लिए 21 लाख दिए गए हैं.
राज्य सरकार ने विभिन्न धार्मिक आयोजनों एवं मेलों के सुचारु संचालन और बेहतर व्यवस्था के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. शुक्रवार को कुल एक करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. इस संबंध में उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार आस्था एवं परंपरा के बड़े धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. ऐसे आयोजनों में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में स्थानीय सक्रिय लोगों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इससे आयोजनों में निखार आ जाता है.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना नगर क्षेत्र में रामनवमी शोभा यात्रा के आयोजन हेतु 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसके अतिरिक्त पटना जिले के दुल्हिन बाजार स्थित उलार धाम सूर्य मंदिर में चैती छठ मेला के लिए 6 लाख रुपये, देशभर में प्रसिद्ध औरंगाबाद के प्रसिद्ध देव चैती छठ मेला के लिए 30 लाख रुपये, दरभंगा राम दरबार चौक महावीर मंदिर रामनवमी मेला के लिए 05 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. सीताकुंड मेला, मुंगेर के लिए 21 लाख, मुजफ्फरपुर श्रावणी मेला का 05 लाख, बांका श्रावणी मेला का 31 लाख तथा अररिया जिले के बाबा सुन्दरनाथ धाम में सम्पन्न हुए महाशिवरात्रि मेला का बकाया 15 लाख रुपये की राशि की भी स्वीकृति प्रदान की गई है.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त सभी आयोजनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित मदों में ही किया जाए और किसी भी प्रकार का विचलन न हो. उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता एवं अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राशि का व्यय पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा समय पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र विभाग को उपलब्ध कराया जाए. उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बने. प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि समय पर राशि की निकासी और व्यय सुनिश्चित किया जाए, ताकि आयोजन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो.
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