न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - जनता दल (यूनाइटेड) की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक 21 जून 2026 को पटना स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित की जाएगी। इस बैठक को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नीतीश कुमार के निर्वाचन पर राष्ट्रीय परिषद की औपचारिक मुहर लगाना होगा। इसके साथ ही पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, राजनीतिक रणनीति और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी व्यापक चर्चा की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय परिषद एवं राज्य परिषद के सदस्य भी भाग लेंगे।
हाईलाइट्स -
- 21 जून 2026 को पटना के कर्पूरी सभागार में जदयू की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नीतीश कुमार के निर्वाचन पर राष्ट्रीय परिषद की औपचारिक मुहर लगेगी।
- संगठन विस्तार, भावी राजनीतिक रणनीति और विभिन्न संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा।
- ‘सात निश्चय-3’ को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विशेष मंथन।
- विकसित बिहार और सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने पर फोकस।
- राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी बैठक में होंगे शामिल।
सुबह से शाम तक चलेगा बैठकों का सिलसिला
जदयू द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को सुबह 10 बजे से बैठकों का दौर शुरू होगा। सबसे पहले पूर्वाह्न 10 बजे से 10:30 बजे तक निवर्तमान राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित होगी। इसके बाद 10:30 बजे से 11:30 बजे तक निवर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। वहीं 11:45 बजे से बिहार की नव निर्वाचित राज्य परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद अपराह्न 3 बजे से 4 बजे तक नव निर्वाचित राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी, जिसमें संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है। कार्यक्रम का समापन अपराह्न 4 बजे से 5 बजे तक आयोजित खुले अधिवेशन (ओपन सेशन) के साथ होगा, जिसमें पार्टी की भावी दिशा और प्राथमिकताओं को सार्वजनिक रूप से रखा जाएगा।
‘सात निश्चय-3’ और विकसित बिहार के एजेंडे पर होगा मंथन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विशेष मंथन किया जाएगा। पार्टी नेताओं के अनुसार, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा विकसित बिहार, सुशासन और सामाजिक न्याय के एजेंडे को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित हो रही यह बैठक जदयू के लिए संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पार्टी नेतृत्व इस मंच के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करने और आगामी चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करने का प्रयास करेगा।
इसे भी पढ़ें - Bihar Panchayat Fund 2026: बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिलेगा ज्यादा फंड, ग्राम पंचायतों की हिस्सेदारी 80%