न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
गयाजी - गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के देवगांव में फल्गु नदी के तट पर एक बड़े औद्योगिक एवं तकनीकी विकास परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास 15 जून को किया जाएगा। इस अवसर पर बिहार सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों द्वारा लगातार स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि शिलान्यास समारोह के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। इस परियोजना को क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हाइलाइट्स-
- देवगांव में 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का निर्माण होगा।
- 15 जून को परियोजना का शिलान्यास प्रस्तावित है, प्रशासनिक तैयारियां तेज।
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
- बाउंड्री वॉल का कार्य पूरा, भूमि पूजन के बाद मुख्य निर्माण शुरु होने की संभावना।
- निरीक्षण के दौरान साधु नगर की महिलाओं ने पेयजल संकट की शिकायत भी उठाई।
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री, अधिकारियों को दिए निर्देश
परियोजना की प्रगति का आकलन करने के लिए सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी देवगांव पहुंचे और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा की तथा आगामी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नीमचक बथानी अनुमंडल प्रशासन के अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए निर्धारित भूमि की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाउंड्री वॉल का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। शिलान्यास और भूमि पूजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य भवन और अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
स्थानीय समस्याएं भी आईं सामने, महिलाओं ने उठाई पेयजल की मांग
स्थल निरीक्षण के दौरान आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भी अपनी समस्याएं केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखीं। विशेष रुप से साधु नगर की महिलाओं ने पेयजल संकट को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इलाके में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि पानी के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे काफी परेशानी होती है। केंद्रीय मंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि टेक्नोलॉजी सेंटर जैसी बड़ी परियोजना के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार होना चाहिए, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना से जहां तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं आसपास के गांवों के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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