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लातेहार/डेस्क: भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVVP) के तहत रविवार को आयोजित "विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम – युवा संवाद" में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के चयनित युवाओं से वर्चुअल संवाद किया. इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण लातेहार जिला समाहरणालय स्थित NIC में वर्चुअल माध्यम से रूबरू हुए, जहां MY Bharat पोर्टल से जुड़े युवाओं ने प्रधानमंत्री का संबोधन और प्रतिभागी युवाओं के अनुभवों को देखा एवं सुना.
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को विकास, अवसर और आत्मनिर्भरता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है. इसके माध्यम से युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों से परिचित कराते हुए राष्ट्र निर्माण और "विकसित भारत-2047" के संकल्प में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है.
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच राज्यों के चयनित युवाओं से सीधे संवाद किया. लातेहार के युवाओं की प्रधानमंत्री से प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई, लेकिन उन्होंने NIC में LED स्क्रीन पर पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा. देशभर के लगभग 225 जिलों के युवा इस ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े थे.
इस अवसर पर उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि विकसित भारत कार्यक्रम के तहत MY Bharat पोर्टल से जुड़े युवा देशभर में विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ पांच राज्यों के युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें लातेहार के युवाओं ने भी लाइव देखा. उपायुक्त ने जिले के युवाओं से MY Bharat पोर्टल से जुड़कर सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की.
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें युवा एवं खेल मंत्रालय की ओर से विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित अंतिम गांव छितकुल जाने का अवसर मिला. वहां के लोगों का जीवन, उनकी मेहनत और देशभक्ति उनके लिए प्रेरणादायक रही। उन्होंने कहा कि भले ही इस बार लातेहार के युवाओं का प्रधानमंत्री से सीधा संवाद नहीं हुआ, लेकिन अन्य राज्यों के युवाओं के अनुभव सुनना भी बेहद प्रेरक रहा. उन्होंने MY Bharat पोर्टल को युवाओं के व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने वाला प्रभावी मंच बताया.
MY Bharat की उपनिदेशक कंचन कुमारी ने बताया कि इस वर्ष देशभर से दो लाख से अधिक युवाओं ने कार्यक्रम में भागीदारी के लिए आवेदन किया था, जिनमें से केवल 500 युवाओं का चयन किया गया. चयनित युवाओं को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों का भ्रमण कराया गया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष लातेहार जिले के दो युवाओं का भी चयन हुआ था. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष जिले के और अधिक युवा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.
MY Bharat वॉलंटियर एवं बनवारी साह महाविद्यालय के छात्र आयुष चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखकर सीमावर्ती गांवों की वास्तविक परिस्थितियों और वहां की चुनौतियों को समझने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है और युवाओं की भागीदारी से इन गांवों को आधुनिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है. इस संवाद ने उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया.
प्रतिभागी प्रीति कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संवाद से उन्हें सीमावर्ती गांवों के बारे में नई जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि जिन्हें पहले देश का अंतिम गांव कहा जाता था, आज उन्हें "प्रथम गांव" के रूप में नई पहचान दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की देशभक्ति और समर्पण की भावना हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने MY Bharat पोर्टल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व विकास और सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया.
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