सारंडा को वन्य जीव अभयारण्य घोषित करने का मामला, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

सारंडा को वन्य जीव अभयारण्य घोषित करने का मामला, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

सारंडा को वन्य जीव अभयारण्य घोषित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज 

न्यूज़11 भारत

रांची/डेस्क:  सारंडा को वन्य जीव अभयारण्य घोषित करने पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. इस मामले ने न केवल सरकार को सतर्क किया गया है, बल्कि राज्य की आर्थिक नीतियों, खनन गतिविधियों और पर्यावरण संतुलन के संबंध में गंभीर प्रश्न भी उठाए गए हैं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मुख्य सचिव को चेतावनी दी थी कि यदि 8 अक्तूबर तक सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित नहीं किया गया, तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है. इसके साथ ही, अदालत ने मुख्य सचिव को 8 अक्तूबर की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया था. इसे लेकर मुख्य सचिव दिल्ली भी पहुंच चुके है.

सुप्रीम कोर्ट ने 18 सितंबर को सुनवाई के दौरान सारंडा वन क्षेत्र को अभ्यारण घोषित न करने को अवमानना माना था. कोर्ट ने स्पष्ट किया  था कि यदि 8 अक्तूबर तक इसे अभ्यारण के रूप में घोषित नहीं किया गया, तो राज्य के मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी.

वित्त मंत्री के नेतृत्व में सारंडा वन क्षेत्र पहुंचा था ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की टीम

सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की रिपोर्ट पेश कर सकती है, जिसमें वन्य जीवों के साथ-साथ वन क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को उजागर किया जाएगा. बता दें कि कोर्ट के इस आदेश के बाद  वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने हाल ही में सारंडा का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों की स्थिति का मूल्यांकन किया. इस ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित करने से वहां के गरीब आदिवासियों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

बता दें कि सारंडा अभयारण्य के संबंध में साल 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अभयारण्य घोषित करने का आदेश दिया था. हालांकि, राज्य सरकार की सुस्ती के कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. बाद में सरकार ने 57,519 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करने की योजना का उल्लेख किया, लेकिन यह प्रस्ताव पूर्व PCCF द्वारा बिना मंजूरी के तैयार किया गया था, जिससे स्थिति और जटिल हो गई हैं. 

ये भी पढ़ें- हजारीबाग सेंट्रल जेल में बड़ी कार्रवाई: जेलर समेत कई अधिकारी निलंबित, जेल आईजी के निर्देश पर गिरी गाज़

संबंधित सामग्री

सांरडा मामले पर कल सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई

देश-विदेश

सांरडा मामले पर कल सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई