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रांची/डेस्क: फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने आज उद्योग सचिव अरवा राजकमल से मुलाकात कर राज्य में उद्योगों के प्रोत्साहन व औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर झारखंड के सफल प्रतिनिधित्व के लिए चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने उद्योग सचिव को बधाई देते हुए राज्य में संभावित निवेश प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर उतारने तथा इसे झारखंड के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाने की आशा व्यक्त की.
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल द्वारा आग्रह किया गया कि नए निवेश के साथ-साथ राज्य के मौजूदा उद्योगों की समस्याओं के समाधान पर भी प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए ताकि झारखंड में निवेश का वातावरण और अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बन सके.
प्रतिनिधिमंडल ने भूमि उपलब्धता के साथ ही जियाडा की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता बताई. चैम्बर अध्यक्ष ने बैठक में राज्य के फेसीलिटेशन काउंसिल की अनियमित बैठकों एवं लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए झारखण्ड चैम्बर को इसका सदस्य बनाए जाने का प्रस्ताव रखा जिससे परिषद की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी हो सके.
सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई. चैंबर के उद्योग उप समिति चेयरमैन बिनोद अग्रवाल ने कहा कि सिंगल विंडो प्रणाली का नेतृत्व विकास आयुक्त स्तर के अधिकारी को सौंपा जाए, ताकि सभी संबंधित विभाग उसके निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें. यह भी सुझाया गया कि नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से इसका इंटीग्रेशन किया जाय. इससे एक ही पॉइन्ट पर सारे क्लीयरेंसेस मिल जायेंगे. इस संदर्भ में पंजाब मॉडल का उदाहरण दिया गया. उद्योग सचिव ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही सिंगल पॉइंट ऑफ क्लियरेंस प्रणाली को लागू किया जाएगा.
इसके अतिरिक्त, राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने हेतु मुख्य सचिव या विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट काउंसिल के गठन का सुझाव भी दोहराया गया, जिसमें सभी संबंधित विभागों एवं उद्योग संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए. एनर्जी उप समिति चेयरमैन बिनोद तुलस्यान ने औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में पानी, स्ट्रीट लाइट एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया.
सह सचिव रोहित पोद्दार ने उद्योग विभाग एवं स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय के लिए को-ऑर्डिनेशन कमिटी गठित करने का सुझाव दिया, जिसकी प्रत्येक तीन माह में नियमित बैठक हो. उद्योग सचिव ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उद्योग निदेशक के अधीन शीघ्र ही इस बैठक को प्रारंभ किया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया. यह कहा गया कि वर्तमान में उद्योगों का फोकस मुख्यतः रांची एवं आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया तक सीमित है. यह सुझाया गया कि अन्य जिलों विशेषकर पलामू जैसे पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने हेतु अतिरिक्त सब्सिडी एवं विशेष प्रोत्साहन दिए जाएं, ताकि संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके. उद्योग सचिव ने इस विषय पर पॉलिसी लाने की बात कही. लैंड बैंक के मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जियाडा के पास भूमि उपलब्ध है, किंतु कई स्थानों पर पजेशन की प्रक्रिया लंबित है. सुझाया गया कि उपलब्ध भूमि का शीघ्र अधिग्रहण एवं पजेशन सुनिश्चित कर उद्योगों को आवंटित किया जाए. इससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी.
उद्योग सचिव ने झारखण्ड चैंबर के सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया. प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, उद्योग उप समिति चेयरमैन बिनोद अग्रवाल, एनर्जी उप समिति चेयरमैन बिनोद तुलस्यान अजय भंडारी शामिल थे.
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