पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की...

दुःखद

पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की ब्रेन मलेरिया से मौत

कोल्हान क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है

पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की ब्रेन मलेरिया से मौत

प्रभात कुमार/न्यूज11  भारत

जमशेदपुर/डेस्क:  कोल्हान क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई. बुधवार को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. इस घटना के बाद सीआरपीएफ कैंप के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में भी चिंता बढ़ गई है.जानकारी के अनुसार, पिंटू कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें पहले प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण तत्काल एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया.

अस्पताल में जांच के दौरान चिकित्सकों ने ब्रेन मलेरिया की पुष्टि की. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए लगातार इलाज किया, लेकिन संक्रमण तेजी से फैलने के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और बुधवार को उनकी मौत हो गई.अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जवान का शव परिजनों को सौंप दिया. वहीं, उनके निधन की सूचना मिलते ही मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में शोक की लहर दौड़ गई. साथी जवानों ने पिंटू कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सामान्य मलेरिया के साथ-साथ फाल्सीपेरम संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो समय पर इलाज नहीं मिलने पर ब्रेन मलेरिया का रूप ले सकते हैं. चिकित्सकों का कहना है कि तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम की स्थिति या दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच और उपचार कराना आवश्यक है.

सीआरपीएफ जवान की मौत ने एक बार फिर मलेरिया नियंत्रण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग अब प्रभावित क्षेत्रों में जांच अभियान तेज करने, दवा वितरण, फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

यह भी पढ़ें: चाईबासा के बाईपास चौक में शिबू सोरेन की प्रतिमा का विरोध, स्थानीय वीर शहीद की प्रतिमा लगाने की मांग

संबंधित सामग्री

राजाबासा की बुरुसुबा टुंगरी में धूमधाम से मनाई गई जानताल पूजा, शामिल हुए पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई

झारखंड

राजाबासा की बुरुसुबा टुंगरी में धूमधाम से मनाई गई जानताल पूजा, शामिल हुए पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई

जानताल पूजा आदिवासी समाज की सबसे महत्वपूर्ण आस्था का प्रतीक मानी जाती है.

राजगंज के आरबीबी उच्च विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, रोहित कुमार तिवारी बने अध्यक्ष

झारखंड

राजगंज के आरबीबी उच्च विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, रोहित कुमार तिवारी बने अध्यक्ष

चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उपस्थित अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार ने बधाई दी

जहां लाठियां नहीं, सम्मान मिला.. रांची पुलिस की इंसानियत ने जीता छात्रों का भरोसा

झारखंड

जहां लाठियां नहीं, सम्मान मिला.. रांची पुलिस की इंसानियत ने जीता छात्रों का भरोसा

अक्सर छात्र आंदोलनों की तस्वीरों में लाठीचार्ज और तनाव देखने को मिलता है. लेकिन रांची से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने इंसानियत और संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल पेश की.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की

झारखंड

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली का लाभ सुनिश्चित किया जाए

अग्रसेन भवन के समीप आपसी रंजिश में गोलीबारी, किशोर घायल, जांच में जुटी पुलिस

झारखंड

अग्रसेन भवन के समीप आपसी रंजिश में गोलीबारी, किशोर घायल, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोलीबारी का कारण स्पष्ट नहीं, अपराधियों की पहचान के लिए जांच जारी