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रांची/डेस्क: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स से जुड़े जनहित याचिका और स्वत: संज्ञान मामले में बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर विस्तृत सुनवाई की. पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने ACB को निर्देश दिया था कि अतिक्रमण के बावजूद नक्शा पास करने और रसीद जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए. इस आदेश के खिलाफ रांची नगर निगम की ओर से एक आईए दाखिल कर आपत्ति दर्ज की गई थी.
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और निगम की आपत्ति का समर्थन करते हुए कहा कि संबंधित पक्ष को सुने बिना इस प्रकार का आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि, अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और आईए को डिस्पोज करते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष अपनी बात अब एसीबी के समक्ष रख सकता है. इसी दौरान रिम्स के विकास कार्यों और जीवन रक्षक मशीनों की खरीद से जुड़े मामले में समय सीमा समाप्त होने पर अदालत ने राज्य सरकार और रिम्स को राहत देते हुए समयसीमा बढ़ाकर अप्रैल तक कर दी. अदालत ने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए.
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