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रांची/डेस्क: चुट्टूपालू घाटी में स्टोन माइनिंग और क्रशिंग गतिविधियों से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत रिपोर्ट में स्पष्टता नहीं होने पर नाराजगी जताई और पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. अदालत ने विशेष रूप से अवैध खनन, पर्यावरणीय स्वीकृतियों (Environmental Clearance) और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है. साथ ही, SIA काउंसिल की रिपोर्ट पर भी अदालत ने सवाल उठाए.
अदालत के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय टीम में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, SIA, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और खनन विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है. हाईकोर्ट ने टीम को क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यह रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है कि क्षेत्र में कितने स्टोन माइनिंग और स्टोन क्रशिंग यूनिट संचालित हो रहे हैं, क्या उनके पास सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां हैं तथा संबंधित निगरानी एजेंसियां अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से पालन कर रही हैं या नहीं. अदालत ने जांच टीम को 21 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है.
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