अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा DC-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई.बैठक में जिले के समग्र स्वास्थ्य परिदृश्य, स्वास्थ्य संरचना, उपलब्ध संसाधनों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की गई. DC ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं सरकारी योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण तथा पोषण सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई. DC ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय, प्रभावी कार्ययोजना तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने जागरूकता बढ़ाने तथा लक्षित समूह तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया. राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (NBCP) के अंतर्गत नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन तथा दृष्टिबाधित व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की भी समीक्षा की गई. बैठक में HPV टीकाकरण अभियान को लेकर DC ने विशेष निर्देश देते हुए कहा कि 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी विद्यालयों की छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर जागरूक किया जाए तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार चलाकर लोगों को इस टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए. उन्होंने कहा कि 'सभी को स्वास्थ्य सेवा से जोड़कर रखें, कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहने पाए.
बैठक में सिकल सेल स्क्रीनिंग, बीपीएचयू (BPHU) की प्रगति तथा जिले में उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा की गई. DC ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए. BPHU से संबंधित समीक्षा के दौरान DC ने कहा कि नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने से पूर्व संबंधित एमओआईसी एवं अंचल अधिकारी संयुक्त रूप से भूमि का समुचित मूल्यांकन करें, उसके बाद ही प्रस्ताव भेजा जाए. राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी मरीजों की पहचान, उपचार एवं फॉलोअप की समीक्षा करते हुए उन्होंने लक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को मिल रही सेवाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.बैठक में ब्लड बैंक, यूडीआईडी (UDID), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) की प्रगति की समीक्षा करते हुए DC ने लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया. उन्होंने अगली समीक्षा बैठक से पूर्व 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया.
इसके अतिरिक्त ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा, गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS), आसाध्य रोग योजना एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई.DC ने बैठक में कहा कि जिन CHC एवं PHC का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, वे अपने कार्यों में सुधार लाते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं. उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी CHC, PHC एवं अन्य अस्पतालों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी रोस्टर के अनुरूप नियमित रूप से उपस्थित रहें ताकि आम नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. सभी अस्पतालों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों, यह संबंधित पदाधिकारी सुनिश्चित करें और इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए.बैठक में अस्पतालों में बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर भी चर्चा हुई.
DC ने निर्देश दिया कि जहां कहीं भी विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या हो, वहां विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.बैठक के अंत में DC पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड विजिट करने, योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
DC ने कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में सच्ची निष्ठा, जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें ताकि जिला प्रशासन को किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त न हो और आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत बना रहे. बैठक के अंत में 31 मई को मनाए जाने वाले विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर DC पशुपति नाथ मिश्रा ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को तंबाकू सेवन से दूर रहने एवं समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन अनेक गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए इसके विरुद्ध जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है. DC ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके सेवन से बचाने के लिए जागरूक करें.बैठक में स्वास्थ्य विभाग के गढ़वा सिविल सर्जन डॉ.जॉन एफ. कैनेडी, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ माहेरू यामिनी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ गोविन्द सेठ, जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ कौशल सहगल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ पुष्पा सहगल, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य गौरव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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