अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड क्षेत्र के ग्राम कुशमाही में बीते 26 जुलाई 2026 को घटित विवाद के मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने, दोषी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर दिनांक 28 जुलाई 2026 से गढ़वा समाहरणालय के समक्ष चल रहा ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना आज समाप्त हो गया. आज गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय के सभागार में कुशमाही गांव के ग्रामीणों एवं संबंधित प्रतिनिधियों के साथ वार्ता आयोजित की गई.
वार्ता सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में हुई. इस दौरान ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित मांगपत्र उपायुक्त को सौंपा गया. ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगपत्र एवं वार्ता के दौरान उठाए गए मुद्दों पर उपायुक्त द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के पश्चात ग्रामीणों ने अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की.वार्ता के दौरान ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों के संबंध में निम्न बिंदुओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया.
- विवाद में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
- वन पट्टा से संबंधित लंबित मामलों का यथाशीघ्र नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.
- वन विभाग द्वारा सामुदायिक वन पट्टा क्षेत्र की भूमि पर ग्रामीणों की सहमति एवं समन्वय के साथ ही वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा.
- घटना में घायल व्यक्तियों को बेहतर एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा उनके उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
गढ़वा उपायुक्त द्वारा उपरोक्त मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की.विदित हो कि ग्रामीणों द्वारा मेराल प्रखंड के ग्राम कुशमाही में दिनांक 26 जुलाई 2026 को घटित घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ग्रामीणों के अनुसार, उक्त दिन उत्तरी वन प्रमंडल, गढ़वा के रेंज पदाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य संबंधित कर्मी ग्राम कुशमाही पहुंचे थे. ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान ग्राम सभा की पूर्व सहमति के बिना कोरवा समुदाय की रैयती भूमि तथा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार क्षेत्र में बाँस के पौधारोपण का प्रयास किया गया.
ग्रामीणों के अनुसार, इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम के लिए नियुक्त मजिस्ट्रेट से बातचीत करने का अनुरोध किया. ग्रामीणों का आरोप है कि इसी क्रम में मौके पर मौजूद कुछ व्यक्तियों के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसमें कुदाल से हमला किए जाने के कारण केश्वर परहिया एवं बीरेंद्र कोरवा गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों घायलों का उपचार वर्तमान में सदर अस्पताल, गढ़वा में किए जाने की बात ग्रामीणों द्वारा बताई गई. ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, वन पट्टा से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा सामुदायिक वन अधिकार क्षेत्र में ग्रामीणों की सहमति से ही वृक्षारोपण किए जाने की मांग को लेकर 28 जुलाई से समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था.
आज हुई वार्ता के दौरान जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच विस्तृत चर्चा हुई. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया. इस प्रकार प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच संवाद एवं आपसी सहमति के माध्यम से मामले का तत्काल समाधान निकालने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई.गढ़वा जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से शांति, सौहार्द एवं आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की है तथा मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है. इस अवसर पर उत्तरी वन प्रमंडल पदाधिकारी अंशुमान, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा कुमार मयंक भूषण, कार्यपालक दंडाधिकारी मो. हुसैन, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी मेराल सहित ग्राम कुशमाही के बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.
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