अजीत कुमार/न्यूज 11 भारत
बालूमाथ/डेस्क: फूलबसिया सीसीएल साइडिंग के विस्थापित और प्रभावित ग्रामीण महिलाओं ने रोजगार, धूल-गर्द से निजात और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर साइडिंग जाने वाली सीसीएल सड़क को करीब 8 घंटे तक बाधित रखा गया. सड़क जाम के कारण फूलबसिया रेलवे कोल साइडिंग की ओर होने वाला कोयला परिवहन कई घंटों तक प्रभावित रहा.बताया गया कि एक दिन पहले मगध क्षेत्र में सीआईएसएफ की ओर से फूलबसिया साइडिंग के पीछे कथित अवैध कोयला भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. इसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई और विस्थापित प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं ने सीसीएल की सड़क पर प्रदर्शन करते हुए आवागमन रोक दिया.प्रदर्शन कर रही ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि साइडिंग निर्माण के कारण उनकी उपजाऊ जमीन चली गई है. वहीं, कोयला परिवहन के दौरान उड़ने वाली धूल और गर्द से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, धूल के कारण सड़क के आसपास खेती और फसल उत्पादन भी प्रभावित होता है.महिलाओं ने कहा कि जमीन जाने के बाद उनके सामने रोजगार और आजीविका का संकट पैदा हो गया है. उनका दावा है कि वे टोकरी के माध्यम से कोयला चुनकर किसी तरह अपनी आजीविका चलाती हैं, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह साधन भी प्रभावित हो रहा है.
रोजगार और विकास की मांग
ग्रामीण महिलाओं ने विस्थापित और प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ धूल-गर्द की समस्या से राहत दिलाने की मांग की. इसके अलावा सड़क, पानी, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की भी मांग उठाई गई.ग्रामीणों के प्रदर्शन के कारण सीसीएल की फूलबसिया रेलवे कोल साइडिंग की ओर जाने वाली सड़क पर आवागमन बाधित रहा. इससे कोयला परिवहन भी कई घंटों तक प्रभावित हुआ.
पहल के बाद खत्म हुआ जाम
मामले की जानकारी मिलने के बाद सीसीएल परियोजना पदाधिकारी और पुलिस पिकेट प्रभारी ने ग्रामीणों से बातचीत की. अधिकारियों की पहल के बाद करीब 8 घंटे बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया.फिलहाल ग्रामीणों की मांगों और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है. ग्रामीणों ने रोजगार, प्रदूषण से राहत और प्रभावित क्षेत्रों के विकास की मांग प्रशासन एवं सीसीएल प्रबंधन के समक्ष रखी है.
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