रोहन निषाद/न्यूज़11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में 17 मई को हुए मानव तस्करी के बड़े मामले में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है. अब इस अंतरराज्यीय गिरोह में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है. गिरफ्तार आरोपियों में 40 वर्षीय बुधराम गोप, 40 वर्षीय दुर्योधन कुमार और 45 वर्षीय तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण का नाम शामिल है. सभी आरोपी अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं. सभी गिरफ्तार आरोपी अपने-अपने इलाके में भोले-भाले जनता को पैसे के सपने दिखाकर अपने झांसे में फंसाते थे और मानव तस्करी किया करते थे. इसके बदले उनको मोटी रकम मिलती थी.
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
17 मई 2026 की रात पोड़ाहाट एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को गुप्त सूचना मिली थी कि 'के-2' होटल में कुछ तस्करों ने नाबालिगों और वयस्कों को बंधक बनाकर रखा है. एसपी अमित रेणु के आदेश पर विशेष टीम बनाई गई. इसके बाद चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी साजेस माहतो, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने होटल पर छापा मारा. छापेमारी में तस्करों के चंगुल से 30 महिला-पुरुष मजदूर और 6 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया. इनमें 5 लड़के और 1 लड़की शामिल थे.
सभी को बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात ले जाने की तैयारी थी. पुलिस ने मौके से मजदूरों को ले जाने वाली बस संख्या OR 11H 0797 को भी जब्त कर लिया.
पहले दो गुजराती तस्कर हुए थे गिरफ्तार
मामले में इससे पहले पुलिस ने गुजरात के मोरवी, राजकोट के दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा था, जिनमें 32 वर्षीय निकुंज गोविन्द और 34 वर्षीय कादिवार निलेश शामिल हैं. दोनों को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है. उनके खिलाफ चक्रधरपुर थाना में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है.
चाइल्डलाइन को सौंपे गए बच्चे
बाल कल्याण समिति चाईबासा के निर्देश पर मुक्त कराए गए 6 बच्चों को काउंसलिंग के लिए चाइल्डलाइन को सौंपा गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी मजदूरी के नाम पर बच्चों की तस्करी की कोशिशें नाकाम की जा चुकी हैं. प्रशासन इस अवैध धंधे पर कड़ी नजर रखे हुए है.
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