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बगोदर/डेस्क: जमीन रसीद निर्गत करने एवं ऑनलाइन प्रविष्टि के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. भाकपा माले की शिकायत के बाद अंचलाधिकारी ने जांच और स्पष्टीकरण से जुड़े दो अलग-अलग पत्र जारी किए हैं, वहीं पूरी राशि लौटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
बगोदरडीह निवासी पप्पू कुमार ठाकुर ने आरोप लगाया था कि अंचल कार्यालय में पदस्थापित सीओ के जीप चालक नागेश्वर ठाकुर ने ऑनलाइन रसीद काटने एवं जमीन प्रविष्टि के नाम पर उनसे 36 हजार रुपये लिए, लेकिन कार्य नहीं किया. मामले को लेकर भाकपा माले नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अंचलाधिकारी से मिला था और लिखित आवेदन के साथ भुगतान से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए थे.
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अंचलाधिकारी ने पत्र जारी कर अंचल निरीक्षक (सीआई) को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया. पत्र में स्पष्ट रूप से 36 हजार रुपये लेने के आरोप की जांच करने को कहा गया है.
वहीं अंचल के जीप चालक नागेश्वर ठाकुर को अलग से स्पष्टीकरण पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया. पत्र में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वरीय पदाधिकारी को अवगत कराते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार ने पूर्व में दिए बयान में स्पष्ट किया था कि राशि के लेन-देन का मामला सामने आया है, लेकिन यह प्रकरण उनके कार्यकाल से पूर्व का है. उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाला और आरोपी आपस में नजदीकी रिश्तेदार हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पैसे का ट्रांसफर हुआ है, परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि किस मद में राशि दी गई. सभी तथ्यों की पुष्टि के लिए सीआई को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में चालक द्वारा आंशिक राशि लेने की बात स्वीकार की गई थी, जबकि भुक्तभोगी ने अधिक राशि देने का दावा किया. अंचलाधिकारी के निर्देश के बाद अब पूरी राशि लौटा दिए जाने की बात भी सामने आई है. इधर, भाकपा माले नेताओं ने अंचल कार्यालय में कथित बिचौलिया तंत्र और जमीन कारोबारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है.
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