न्यूज11 भारत
लोहरदगा/डेस्क: जिला प्रशासन के सहयोग से जीएनके-लैंडसा (GNK -LANDESA) द्वारा आज "भूमि बोध" कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त डॉ ताराचंद द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि लोगों के बीच भूमि संबंधित जानकारी का अभाव है जिससे जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से दूर किया जा सकता है. जिला प्रशासन और लैंडसा संस्था के बीच हुए करार के उपरांत आज इस कार्यशाला का परिणाम बेहतर होगा. लोगों की भ्रांति व जानकारी के अभाव को दूर करने के लिए आने वाले एक वर्ष के अंदर कार्ययोजना के जरिये कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. लोगों का भावनात्मक लगाव जल, जंगल और जमीन से होता है. इस संबंध को मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन और लैंडसा संस्था के संयुक्त प्रयास से चलाया जाएगा. जिसके सफल परिणाम होंगे.
जमीन के संरक्षण के लिए बनाए गए एक्ट
उपायुक्त ने कहा झारखंड में जमीन के संरक्षण के लिए सीएनटी और एसपीटी जैसे एक्ट लागू किये गए जिससे इसकी महत्ता समझी जा सकती है. यहां के मूल निवासियों ने जल, जमीन और जंगल की रक्षा के लिए कई आंदोलन चलाये और अपने प्राणों की आहूति दी.
भूमि संबंधित जानकारी जरूरी
लोगों में भूमि संबंधित कानूनों, प्रावधान, अधिनियम, प्रक्रिया आदि की जानकारी का अभाव है जिसकी जानकारी से आमजन और भी ज्यादा सशक्त हो सकते हैं. उपायुक्त ने एक वर्ष के लिए कार्यक्रम को सफल संचालन करने के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्टीयरिंग कमिटी गठित करने का निर्देश दिया.
आज के कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने भूमि की जानकारी के लिए प्रारंभ हुए इस संयुक्त कार्यक्रम की सराहना की. डालसा सचिव राजेश कुमार ने पीएलवी मेम्बर्स के जरिये इस कार्यक्रम को गति देने की बात कही.
आज के कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, एसडीओ अमित कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, लैंडसा संस्था की ग्लोबल जेंडर एंड लैंड एडवाइजर शिप्रा देव, पिनाकी हलदर, हिमल पोखरेल, श्यामल कुमार जाना, इश्तेयाक अहमद समेत अन्य उपस्थित थे.
यह भी पढ़ें: पतरातू में लोकहित अधिकार पार्टी का वनभोज सह कार्यकर्ता मिलन समारोह आयोजित