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बुंडू/डेस्क: रविवार का दिन बुंडू के खेल इतिहास में एक नई उम्मीद और नई शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया. रमेश सिंह मुंडा +2 उच्च विद्यालय का मैदान उस समय तालियों, जोश और सपनों की आवाज़ से गूंज उठा, जब सेलिएंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित “इंडिया खेलो फुटबॉल (IKF) सीजन-6” ट्रायल में सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया. यह सिर्फ एक ट्रायल नहीं था, बल्कि उन ग्रामीण खिलाड़ियों के सपनों का मंच था, जो अब गांव की गलियों से निकलकर ISL और I-League जैसे बड़े फुटबॉल मंचों तक पहुंचने का सपना देख रहे हैं.
करीब 250 युवा खिलाड़ियों ने ट्रायल में भाग लिया, लेकिन पूरे आयोजन की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर रही 90 से अधिक बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी. मैदान में बेटियों का आत्मविश्वास, स्पीड और खेल के प्रति समर्पण यह साबित कर रहा था कि अब झारखंड की बेटियां भी फुटबॉल के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं.
कार्यक्रम में पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बुंडू किस्टो कुमार बेसरा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि “खेल जीवन में संघर्ष करना सिखाता है. लक्ष्य तय कर अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने वाले खिलाड़ी ही देश और समाज का नाम रोशन करते हैं.”
उनके शब्द खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गए. मैदान में मौजूद युवा खिलाड़ियों की आंखों में उसी वक्त अपने सुनहरे भविष्य की चमक साफ दिखाई देने लगी.
खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक नाश्ता एवं जलपान की व्यवस्था एसडीपीओ बुंडू ओम प्रकाश के सहयोग से की गई. आयोजन को सफल बनाने में बुंडू प्रमुख राजकुमार बिंझिया, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बुंडू की वार्डन भूमिका कुमारी, तथा नव चालक संघ रांची झारखंड की सराहनीय भूमिका रही.
ट्रायल के दौरान IKF स्काउट विष्णु चरण स्वांसी ने खिलाड़ियों के खेल कौशल, फिटनेस, पासिंग, स्पीड और तकनीक का बारीकी से अवलोकन किया. कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया. माना जा रहा है कि बुंडू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से इस बार कई प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना सकती हैं.
इस आयोजन को सफल बनाने में सेलिएंस फाउंडेशन के निदेशक चंद्रकांत महतो, झारखंड रेफरी एसोसिएशन के पदाधिकारी धनु नाग, तथा पवन, अजीत, दीपु, उत्तम, देवकी, वर्षा, सपना और सीमा सहित स्कूल शिक्षक समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
गांव के मैदान से ISL तक का सपना
इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के खिलाड़ियों को ऐसा मंच देना है, जहां से वे अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकें. “इंडिया खेलो फुटबॉल” अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के लिए उम्मीद, पहचान और भविष्य का नया रास्ता बनता जा रहा है.
बुंडू का यह आयोजन यह संदेश देकर गया कि प्रतिभा शहरों की मोहताज नहीं होती. यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो गांव की मिट्टी से भी ऐसे खिलाड़ी निकल सकते हैं जो आने वाले समय में ISL और I-League क्लबों में झारखंड का नाम रोशन करें.
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