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रांची/डेस्क: यूपी की राजधानी लखनऊ में एक सरकारी स्कूल टीचर से डिजिटल दुनिया के माध्यम से 49 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया हैं. पुलिस के अनुसार, यह ठगी मैट्रिमोनियल ऐप और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए की गई. घटना ने न केवल शिक्षक बल्कि उनके परिवार को झकझोर दिया है और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की चेतावनी दी हैं.
जानकीपुरम में रहने वाले शिक्षक ने अकेलेपन और सही जीवनसाथी की तलाश में मैट्रिमोनियल ऐप पर प्रोफाइल बनाई. 20 जून 2025 को उनका संपर्क ईशा देसाई नाम की महिला से हुआ. शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे महिला ने प्यार और भरोसे का जाल बुनना शुरू किया. ईशा ने खुद को मुंबई की टेक्सटाइल कारोबारी बताया और आत्मनिर्भर, समझदार साथी होने का भरोसा दिलाया. शिक्षक ने इसे सही साथी मान लिया और दोनों के बीच बातचीत जल्दी ही भरोसा और प्यार की फीलिंग में बदल गई.
निवेश का जाल और 49 लाख की ठगी
कई दिनों तक भरोसा बनाने के बाद ईशा ने शिक्षक को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने की सलाह दी. शुरुआत में शिक्षक ने कुछ कम रकम निवेश की, जिसमें मुनाफा दिखाया गया. यह फर्जी मुनाफा देखकर शिक्षक पूरी तरह फंस गए. इसके बाद शिक्षक ने लगभग छह महीनों में कुल 49 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. हर बार स्क्रीन पर बढ़ता बैलेंस उन्हें और भरोसा दिलाता रहा.
जैसे ही शिक्षक ने पैसा निकालने की कोशिश की, उनके खाते में अचानक 1 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखा. इसके बाद उन्हें पैसे निकालने के लिए 33 लाख रुपये टैक्स देने की धमकी दी गई. इस पर शिक्षक ने पैसे देने से मना किया और तभी महिला का असली चेहरा सामने आया. ईशा ने अब धमकियां देना शुरू कर दिया- “ED का नोटिस आएगा, अकाउंट फ्रीज हो जाएगा, कानूनी कार्रवाई होगी”. तब शिक्षक को समझ में आया कि वे ठगी का शिकार बन चुके हैं.
शिक्षक ने तुरंत लखनऊ साइबर पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई. जांच में यह सामने आया कि यह संगठित रोमांस स्कैम था, जहां मैट्रिमोनियल ऐप का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाया जाता है और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनकी मेहनत की कमाई लूट ली जाती हैं.
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