Friday, Mar 1 2024 | Time 09:14 Hrs(IST)
 logo img
  • आज धनबाद दौरे पर होंगे PM मोदी, हर्ल कारखाने का करेंगे उद्घाटन
  • दो सगे भाइयों को खेलने के दौरान काटा जहरीला सांप, इलाज के दौरान एक भाई की मौत
  • सीसीएल में बीएंडके और ढोरी एरिया में 22 सेवानिवृत्त कर्मियों को दी गई विदाई
  • बोकारो के चास में पुपनकी रेलवे ओवर ब्रिज के पास चलती ट्रक पर लगी आग
  • Jharkhand Weather Update: झारखंड में फिर छाएंगे बादल, ठंड से मिलेगी थोड़ी राहत
NEWS11 स्पेशल


शुरू होने वाला है फेस्टिव सीजन, ये बिजनेस कर आप भी कमा सकते है अच्छा मुनाफा

शुरू होने वाला है फेस्टिव सीजन, ये बिजनेस कर आप भी कमा सकते है अच्छा मुनाफा
न्यूज़11 भारत 

रांची/डेस्क: भारत त्योहारों वाला देश है, साल के 12 महीनों में कोई न कोई फेस्टिवल आ ही जाता है. अभी इन दो महीनों में दशहरा, दिवाली, छठ पूजा जैसे त्योहार आ रहे हैं. इस समय पर पूजा-हवन सामग्री, इलेक्ट्रिक लाइट्स, डेकोरेशन प्रोडक्ट्स से लेकर मिट्टी के दिए तक डिमांड में रहेंगे. यानी अगर आपको बिजनेस करना है तो इन प्रोडक्ट्स का बिजनेस आपको दो महीने में ही बंपर मुनाफा दिला सकता है.किसी भी बिजनेस के चलने के लिए उस प्रोडक्ट की मार्केट में डिमांड होना बहुत जरूरी है 

 

पूजन सामग्री 

कुछ ही दिनों में नवरात्रि शुरू होने वाली है और इस त्योहार पर पूजा-पाठ की सामग्री की चीजों की डिमांड चरम पर होता है. और अगर अभी आप ये बिजनेस शुरू करते हैं, तो फिर आपका फायदा हो सकता है. सिर्फ नवरात्रि पर ही नहीं बल्कि पूजा-पाठ की सामग्री की मांग हमेशा बनी रहती है. भारत में लगभग सभी घरों में पूजा-पाठ किया जाता है और इसमें इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स, जैसे अगरबत्ती, धूप, समेत अन्य चीजों की मांग रहती है. 

 

मिट्टी के दीये

दिवाली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है. दिवाली में मिट्टी के दीयों का एक खास महत्व होता है. ऐसे में अगर आप अच्छा मुनाफा कमाना चाहते है तो आप इस दिवाली में दियो का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. इसमें आपकी लागत भी कम लगेगी.अगर आप चाहे तो आप ये दीये खुद बना सकते हैं, या फिर इन्हें कुम्हारों से अलग तरीके से डिजाइन करवा सकते हैं. अन्य सामानों की तरह ही आजकल डिजाइनर दियों की भी खूब मांग रहती है और रिटेल मार्केट से लेकर आप इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक बेच सकते है.

 


 

 मूर्ति और मोमबत्ती

फेस्टिव सीजन अब शुरू ही होने वाला है.दशहरा या फिर दिवाली के त्योहार पर दीये,लाइट्स, और डेकोरेटिव  के सामान तो बिकते ही है साथ ही मूर्तियों और मोमबत्तियों का बिजनेस भी धड़ल्ले से चलता है. नवरात्रि से लेकर दीवाली तक गणेश लक्ष्मी, कुबेर जी, दुर्गा माता समेत अन्य देवी-देवाताओं की मूर्तियों की भी मांग बाजारों में तगड़ी रहती है. और मूर्तियों की मांग सिर्फ फेस्टिवल में ही नही बल्कि आम दिनों में भी बहुत रहती है.

 

इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स

दिवाली भारत में मनाई जाने वाली प्रमुख त्योहारों में से एक है. इस मौके पर घर, दुकान, सरकारी इमारत, सब जगह रोशनी से जगमग नजर आती हैं. और इन सभी की सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक लाइट्स की भी मांग बहुत रहती है. दिवाली में चाइनीज लाइट्स की मांग भी बाजार में तगड़ी रहती है, इसका कारण है कि ये सस्ती बिकती है. आप भी इस दिवाली में छोटे स्तर पर सजावटी लाइट्स का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 
अधिक खबरें
संसदीय चुनाव में राड़ तय, राजद की तैयारी चार पर
फरवरी 24, 2024 | 24 Feb 2024 | 8:52 PM

राज्य में होने वाले 14 संसदीय चुनाव में राड़ का होना तय माना जा रहा है. आईएनडीआईए के घटक दल में शामिल राजद ने एक बार फिर कहा है कि वह चार संसदीय सीट पर चुनाव लड़ेगा. वे सीटें हैं गोड्डा, कोडरमा, पलामू और चतरा. राजद के नेता रंजन कुमार यादव ने कहा है कि उनकी तैयारी शुरू हो चुकी है. हम चार संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ेगे.

यूपी बिहार तक फैल रहा सिमडेगा के कटहल का स्वाद
फरवरी 22, 2024 | 22 Feb 2024 | 7:18 AM

अपने वनोपज के लिए राज्य में विशेष स्थान रखने वाला सिमडेगा अपने कटहल के स्वाद के लिए भी बिहार यूपी तक मशहूर है। एक रिपोर्ट सिमडेगा के कटहल का स्वाद पंहुचता है बिहार तक। सिमडेगा के कटहल की पटना में होती है खास डिमांड। अच्छी तरह पकने और स्वादिष्ट होने कारण है इसकी मांग। वैसे तो कटहल झारखंड के लगभग हर जिलों में पाया जाता है और खास कर झारखंड का दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल में कटहल बहुतायत पाया जाता है। सिमडेगा के कटहल का स्वाद पंहुचता है बिहार तक। सिमडेगा के कटहल की पटना में होती है खास डिमांड। अच्छी तरह पकने और स्वादिष्ट होने कारण है इसकी मांग। वैसे तो कटहल झारखंड के लगभग हर जिलों में पाया जाता है और खास कर झारखंड का दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल में कटहल बहुतायत पाया जाता है। सिमडेगा में लगभग हरेक किसान के पास चार से दस पेड कटहल के होते हैं। एक पेड से चार से सात क्विंटल कटहल उत्पादन होता है।

सवा नौ साल के बाद अफसरों ने देखा उद्योग मंत्री
फरवरी 21, 2024 | 21 Feb 2024 | 7:57 PM

लगभग सवा नौ साल बाद उद्योग विभाग को अपना कोई मंत्री मिला है. इससे पहले राज्य में रघुवर दास की सरकार थी. तब उन्होने उद्योग विभाग का मंत्रालय अपने पास रखा था. उसके बाद सरकार बदली तो नये मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन ने पदभार संभाला. तब भी संयोग ऐसा बना कि राज्य को कोई नया उद्योग मंत्री नहीं मिल सका और इसे हेमंत सोरेन ने अपने पास रख लिया. लगभग सवा चार साल बाद राज्य में नये मुख्यमंत्री के रूप में चंपई सोरेन ने पदभार संभाला.

झारखंड में जातीय जनगणना को लेकर चंपई सरकार ने बढ़ाए कदम
फरवरी 20, 2024 | 20 Feb 2024 | 8:44 PM

झारखंड में नगर निकाय चुनाव में जातीय जनगणना का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ता जा रहा है। सूबे में विपक्षी पार्टी बीजेपी और आजसू ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल जातीय जनगणना कराने से पीछे हट रही है। यही कारण है कि राज्य में वर्तमान की गठबंधन की सरकार ने चार साल तक जातीय जनगणना को लेकर टाल-मटोल की रणनीति अपनाती रही। बीजेपी और आजसू के नेताओं ने इस बारे में लगातार सरकार पर सवाल उठाती रही कि आखिर जातीय जनगणना कराने में क्या परेशानी आ रही है।

मंत्री बनाना ही होगा उससे कम स्वीकार नहीं : बैद्यनाथ राम
फरवरी 17, 2024 | 17 Feb 2024 | 8:18 PM

चंपई सोरेन सरकार का विस्तार शुक्रवार को हुआ. यह विस्तार जितनी चर्चा नहीं पा सका उससे अधिक इस बात की चर्चा होने लगी कि एक दलित विधायक जो झारखंड मुक्ति मोर्चा का ही है, उसे मंत्री पद की शपथ लेने से रोक दिया गया.इसके बाद से यह झारखंड ही नहीं पूरे देश की मीडिया में चर्चा का विषय बन गया.बैद्यनाथ राम ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में कहा था कि वह बहुत ही अपमानित महसूस कर रहे हैं.