न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने पदभार ग्रहण करने के बाद विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। मंत्री ने साफ किया कि जनता की सुरक्षा और उनका भरोसा जीतना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
ड्रोन से होगी ऊपर-नीचे की मॉनिटरिंग
मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने घोषणा की है कि विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा और मजबूती को परखने के लिए अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। पूरे पुल की ड्रोन के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी। ड्रोन न सिर्फ पुल के ऊपर, बल्कि उसके नीचे के हिस्सों की भी बारीकी से जांच करेगा, जिसका पूरा विजुअल सीधे सिस्टम (कंप्यूटर स्क्रीन) पर देखा जाएगा। विभाग के इंजीनियर्स खुद मौके पर रहकर यह जांच करेंगे कि पुल पर कहीं कोई मामूली 'फोल्ट' या तकनीकी खामी तो नहीं रह गई है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन में यह विश्वास और कॉन्फिडेंस जगाना है कि पुल पूरी तरह से सुरक्षित और ठीक है।
सुरक्षा जांच के लिए रोजाना 1 घंटे का ब्लॉकेज
पुल की इस गहन तकनीकी जांच और मॉनिटरिंग को सुचारू रूप से चलाने के लिए यातायात में आंशिक बदलाव किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि आगामी दिनों में हर 24 घंटे के दौरान केवल 1 घंटे के लिए पुल पर ब्लॉकेज (आवागमन पर रोक) लगाया जाएगा। इस निर्धारित 1 घंटे में इंजीनियर्स और ड्रोन की टीम बिना किसी बाधा के अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।
श्रमिकों का हुआ सम्मान
पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन गिर जाने का एक बड़ा मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लिया। मंत्री शैलेंद्र ने बताया कि सरकार और विभाग की मुस्तैदी के कारण महज 21 दिनों के अंदर हमारी टीम ने वहां के लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा कर दिखाया। दिन-रात एक करने वाले सभी श्रमिकों की मेहनत की सराहना करते हुए विभाग द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया है।