अविनाश श्रीवास्तव/न्यूज11 भारत
रोहतास/डेस्क: रोहतास जिले के सदर अस्पताल, सासाराम में सोमवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. इस संयुक्त अभ्यास में एनडीआरएफ की टीम और अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों तथा कर्मचारियों ने भाग लेकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को परखा.
मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल परिसर में आग लगने और भवन में लोगों के फंसने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई. जैसे ही सायरन बजा, एनडीआरएफ के जवान तुरंत सक्रिय हो गए और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से अंदर फंसे मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिससे वास्तविक आपदा जैसी स्थिति का अनुभव कराया जा सके.
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट कौशल कुमार ने बताया कि ऐसे संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि किसी भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी और प्रभावी तरीके से किया जा सके. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की तैयारियां बेहद जरूरी हैं.
अस्पताल प्रशासन ने भी इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि मॉक ड्रिल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आपात स्थिति में घबराहट कम होती है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में अस्पताल पूरी तरह तैयार रहे.
यह मॉक ड्रिल न केवल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक प्रशिक्षण था, बल्कि आम लोगों को भी आपदा के समय सतर्क और जागरूक रहने का संदेश देने वाला रहा.
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