न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी - नक्सल प्रभावित इलाके छकरबंधा थाना क्षेत्र के पिपरहेट जंगल में हथियार के बल पर अंजाम दिए गए लूटकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, लूटे गए तीन मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की इस उपलब्धि को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले का खुलासा करते हुए इमामगंज एसडीपीओ धीरज कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 8 जून को एक पीड़ित ने छकरबंधा थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि जब वह पिपरहेट जंगल से होकर गुजर रहा था, तभी नीतीश कुमार अपने अन्य सहयोगियों के साथ वहां पहुंचा और हथियार का भय दिखाकर उसका मोबाइल फोन एवं अन्य सामान लूट लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए छकरबंधा थाना में कांड संख्या-18/26 दर्ज कर तत्काल अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक गया के निर्देश पर एसडीपीओ धीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में छकरबंधा थानाध्यक्ष शमशेर आलम, तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी तथा अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
पुलिस की सघन कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि घटना के महज 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान छकरबंधा थाना क्षेत्र निवासी नीतीश कुमार, ओमाशिष रंजन उर्फ गुड्डू, अजीत कुमार उर्फ गोरेलाल तथा इमामगंज थाना क्षेत्र के आदवा गांव निवासी ऋतिक कुमार के रूप में की गई है।
आम के पेड़ के नीचे छिपाए गए थे हथियार
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ओमाशिष रंजन उर्फ गुड्डू की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के समीप खेत में आम के पेड़ के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों को बरामद किया। बरामदगी में एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस शामिल है। इसके अलावा लूट की घटना में छीने गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि अपराधी सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने पहुंचे थे। बरामद सामान को जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
कुछ आरोपियों का रहा है आपराधिक इतिहास
एसडीपीओ धीरज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कुछ अपराधियों के विरुद्ध पूर्व से भी विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है तथा यह भी जांच की जा रही है कि इनका संबंध किसी संगठित गिरोह से तो नहीं है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में बढ़ा भरोसा
नक्सल प्रभावित और जंगलों से घिरे छकरबंधा क्षेत्र में हुई इस घटना के त्वरित खुलासे ने पुलिस की सक्रियता को एक बार फिर साबित किया है। आमतौर पर जंगल क्षेत्रों में अपराधियों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार दबिश देकर महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और अपराधियों के बीच भी सख्त संदेश गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
एसडीपीओ ने दी कड़ी चेतावनी
प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ धीरज कुमार ने स्पष्ट कहा कि इमामगंज अनुमंडल क्षेत्र में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि गया पुलिस अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और क्षेत्र में अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें - पेंशन के लिए आकस्मिकता निधि से ₹3,662 करोड़, तेजस्वी बोले- क्या बिहार दिवालिया होने की कगार पर?