न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
मनीष कुमार / मोतिहारी - भारत-नेपाल सीमा पर हाल ही में दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इस घटना के बाद रक्सौल सीमा क्षेत्र सहित सभी संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। सीमा पार से होने वाली हर गतिविधि पर अब बारीकी से नजर रखी जा रही है। खासकर उन रास्तों और चौकियों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है जहां से अवैध आवाजाही की संभावना अधिक रहती है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कटकेनवा बॉर्डर पर एसएसबी की सघन निगरानी
इसी क्रम में महुअवा स्थित कटकेनवा बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 71वीं बटालियन ने अपनी निगरानी और चौकसी और अधिक बढ़ा दी है। यह क्षेत्र भारत-नेपाल के बीच एक खुली सीमा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां दोनों देशों के नागरिकों का नियमित आवागमन होता है। एसएसबी जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सीमा पर आने वाले लोगों के सामान, बैग और वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। साथ ही पहचान पत्रों की जांच के बाद ही लोगों को आगे बढ़ने या सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है।
तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान तेज
सुरक्षा एजेंसियों ने केवल आवाजाही पर ही नहीं, बल्कि सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर भी शिकंजा कस दिया है। खासकर शराब तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए एसएसबी लगातार विशेष अभियान चला रही है। वाहनों की नियमित तलाशी के साथ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है। सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए निगरानी और जांच प्रक्रिया को आगे भी और मजबूत किया जाएगा, ताकि सीमा पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित बनी रहे।
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