न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - पटना में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण पटना रिंग रोड परियोजना है। यह महत्वाकांक्षी सड़क करीब 150 किलोमीटर लंबी बताई जा रही है और इसे कुल 8 चरणों में विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य कई हिस्सों में पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर तेजी से काम जारी है। इस परियोजना का उद्देश्य पटना शहर के आसपास एक वैकल्पिक मार्ग तैयार करना है, जिससे यातायात दबाव को कम किया जा सके और लंबी दूरी की आवाजाही आसान हो सके।
अंतिम चरण में दीघवारा–सराय खंड, उत्तर बिहार से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इस परियोजना के अंतिम चरण में दीघवारा से सराय तक लगभग 30 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 1500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह मार्ग सारण और वैशाली जिलों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके पूरा होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा। यह खंड न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार और आवाजाही को भी गति देगा, जिससे लोगों का समय और यात्रा दोनों आसान हो जाएंगे।
प्रस्तावित मार्ग और आर्थिक विकास को मिलने वाली गति
पटना रिंग रोड के प्रस्तावित रुट में कन्हौली, शेरपुर, सराय, कच्ची दरगाह, बिदुपुर, चकसिकंदर, दीघवारा और दीदारगंज जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इस रिंग रोड के बन जाने से शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है, खासकर भारी वाहनों के लिए यह एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा। इसके अलावा यह परियोजना 7 राष्ट्रीय राजमार्गों और 5 प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ने का काम करेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। साथ ही, इस सड़क के आसपास औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक हब और आवासीय परियोजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पटना, सारण और वैशाली में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
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