न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार सरकार जल्द ही नई कोचिंग पॉलिसी लाने जा रही है। शिक्षा विभाग की तरफ से इस पर काम चल रहा है। इस पॉलिसी की खासियत यह होगी कि कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए एक नियंत्रण व विनियमन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। नियम तोड़ने पर 2-5 लाख तक का जुर्माना भी लग सकता है। संभव है। इसके लिए राजस्थान सरकार की कोचिंग पॉलिसी का अध्ययन किया जा रहा है।
फिस के लिए होगा ये नियम
अभी बड़े नाम वाले कोचिंग संस्थान एक बार में या फिर दो किस्तों में कोचिंग का पूरा फीस विद्यार्थियों से वसूल लेते हैं। शिक्षा विभाग के स्तर पर जो कोचिंग पॉलिसी लाई जा रही है उसमें यह प्रावधान किया जा रहा कि कोचिंग संस्थान एक साथ पूरे साल की फीस नहीं ले सकेंगे। विद्यार्थियों को किस्तों में अपने कोचिंग की फीस जमा करने का विकल्प देना होगा। साथ ही कोचिंग में पढ़ाई के बीच में कोई भी संस्थान फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए जो प्राधिकरण बनेगा उसके पास सभी कोचिंग संस्थानों को लिखित रूप से शपथ पत्र की शक्ल में दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा। अगर कोई स्टूडेंट अपने कोर्स को बीच में छोड़ देता है तो उसे बगैर किसी झंझट के फीस की शेष राशि वापस करनी होगी। कोचिंग संस्थान को हॉस्टल व मेस की राशि भी वापस करनी पड़ेगी।
पांच घंटे से अधिक नहीं होगी पढ़ाई
राजस्थान सरकार की कोचिंग पॉलिसी के इस तथ्य को बिहार की कोचिंग पॉलिसी में जोड़ा जाएगा कि कोई भी कोचिंग संस्थान पांच घंटे से अधिक की पढ़ाई नहीं कराएंगे। सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों और शिक्षकों को साप्ताहिक अवकाश देना होगा। यही नहीं साप्ताहिक छुट्टी के अगले दिन कोचिंग संस्थान किसी तरह का टेस्ट नहीं ले सकते।