कोसी पर 7 किमी लंबे छह-लेन महासेतु की तैयारी तेज, डीपीआर के लिए होगा वैज्ञानिक सर्वे

कोसी पर 7 किमी लंबे छह-लेन महासेतु की तैयारी तेज, डीपीआर के लिए होगा वैज्ञानिक सर्वे

पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तहत कोसी नदी पर छह-लेन महासेतु के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है।


कोसी पर 7 किमी लंबे छह-लेन महासेतु की तैयारी तेज डीपीआर के लिए होगा वैज्ञानिक सर्वे

कोसी पर 7 किमी लंबे छह-लेन महासेतु की तैयारी तेज |

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना-  पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत कोसी नदी पर प्रस्तावित छह-लेन महासेतु के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस बहुप्रतीक्षित पुल की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया को गति दी गई है। परियोजना से जुड़ी कंसल्टेंट कंपनी लायन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के भागलपुर कार्यालय से मैथमेटिकल मॉडल सर्वे के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने का अनुरोध किया है। अनुमति मिलने के बाद सिमरी बख्तियारपुर और कुशेश्वरस्थान के बीच कोसी नदी क्षेत्र का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी आईडब्ल्यूएआई द्वारा की जाएगी, जिससे सर्वेक्षण की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

हाइलाइट्स- 

  •  कोसी नदी पर 6-लेन महासेतु निर्माण की दिशा में प्रक्रिया तेज
  •  डीपीआर तैयार करने के लिए मैथमेटिकल मॉडल सर्वे की तैयारी
  •  आईडब्ल्यूएआई से एनओसी मिलने के बाद शुरू होगा विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे
  •  कोसी की धारा, बाढ़ और कटाव का आधुनिक तकनीक से अध्ययन होगा
  •  281.95 किमी लंबे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का हिस्सा है यह प्रोजेक्ट
  •  21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज भी प्रस्तावित हैं

आधुनिक तकनीक से होगा नदी की प्रकृति का अध्ययन

मैथमेटिकल मॉडल सर्वे के दौरान कोसी नदी के विभिन्न पहलुओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। इसमें जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव, बाढ़ के समय नदी पर पड़ने वाला दबाव, तटों पर होने वाला कटाव, गाद के जमाव तथा नदी की धारा में संभावित परिवर्तनों का अध्ययन शामिल रहेगा। कोसी नदी अपनी बदलती धारा और तेज प्रवाह के कारण लंबे समय से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में पुल निर्माण से पहले इस प्रकार का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है, ताकि भविष्य में प्राकृतिक परिस्थितियों का असर पुल की संरचना पर न पड़े। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इंजीनियरिंग टीम सुरक्षित और टिकाऊ डिजाइन तैयार कर सकेगी, जिससे परियोजना की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित होगी।

एक्सप्रेसवे से कोसी और सीमांचल क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम

सर्वेक्षण पूरा होने के बाद एजेंसी पुल की संरचना, पिलरों की गहराई, सड़क एलाइनमेंट, जल निकासी तंत्र और अन्य सुरक्षा मानकों को अंतिम रूप देगी। तकनीकी रिपोर्ट की समीक्षा और स्वीकृति के बाद ही परियोजना को अंतिम मंजूरी प्रदान की जाएगी। भारतमाला परियोजना-2 के अंतर्गत विकसित किए जा रहे लगभग 281.95 किलोमीटर लंबे पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मार्ग दिघवारा से शुरू होकर वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के डगरूआ तक पहुंचेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। इनमें लगभग सात किलोमीटर लंबा कोसी महासेतु सबसे प्रमुख संरचनाओं में शामिल है। परियोजना के पूरा होने पर कोसी और सीमांचल क्षेत्र को पटना से तेज, सुरक्षित और बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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