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बिहार/डेस्क: गुरुवार की शाम लगभग 7:30 बजे एक व्यक्ति विजय ज्वेलर्स की दुकान में पहुंचा. उसके हाथ में रुपए की गड्डी थी, जिससे वह खुद को संपन्न ग्राहक के रूप में प्रस्तुत कर रहा था. उसने दुकानदार से कहा कि उसकी बेटी का जन्मदिन है और वह उसे गिफ्ट के लिए लॉकेट जैसा कुछ खरीदना चाहता है. बातचीत के दौरान उसने खुद को पीडब्ल्यूडी (PWD) का कर्मचारी बताया, ताकि दुकानदार का भरोसा जीत सके. दुकानदार विष्णु कुमार चांदवाल ने ग्राहक को दिखाने के लिए लॉकेट, अंगूठी और टैप वाला डिब्बा निकाला. उसने दुर्गा माता का लॉकेट दिखाया, जिसे देखकर व्यक्ति ने तुरंत पसंद कर लिया.
इसके बाद व्यक्ति ने कहा कि कुछ और डिज़ाइन भी दिखा दीजिए. दुकानदार डिब्बा अपने गोद में रखकर अन्य आभूषण निकालने में व्यस्त हो गया. इसी दौरान व्यक्ति झुककर, धीरे-धीरे, दुकानदार के पास रखे डिब्बे से कागज में लिपटे आभूषण एक-एक कर अपने पॉकेट में डालता रहा. चोरी इतनी चालाकी से की गई कि दुकानदार को इसका कोई अंदेशा नहीं हुआ.
कुछ देर बाद व्यक्ति ने एक हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए और यह कहते हुए दुकान से चला गया कि वह बहन को लेकर दोबारा आएगा. रात में जब दुकानदार ने आभूषणों की जांच की, तो पाया कि डिब्बे से एक अंगूठी, एक लॉकेट और एक टॉप्स गायब है. इनकी अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये है. संदेह होने पर दुकानदार ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें आरोपी चोरी करते हुए साफ दिखाई दे रहा है. इसके बाद पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई. कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव तिवारी ने बताया कि दुकानदार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.
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