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बिहार/डेस्क: समस्तीपुर जिला के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव में शराब पीने से पिता की मौत हो गई. वहीं पुत्र की दोनों आंखों की रोशनी चली गई. मृतक की पहचान वार्ड संख्या 12 निवासी बालेश्वर साह (60 वर्ष) के रूप में हुई है. बताया जा रहा कि परिजन ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया. वहीं उसके बेटे बबलू कुमार साह (36 वर्ष) की दोनों आंख की रोशनी चली गई है. जानकारी मिलने के बाद बुधवार को एसपी अरविंद प्रताप सिंह सदलबल मृतक के घर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गए. साथ ही मृतक के परिजनों से बात करते हुए पुरे मामले की जानकारी लिया.
इस संबंध में मृतक के परिजन ने पुलिस को बताया कि नए साल के अवसर पर बीते एक जनवरी की शाम गांव के शराब धंधेबाज अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा से 4 बोतल शराब मंगवाई गई थी. पिता-पुत्र दोनों ने 3 बोतल शराब पी लिया. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उन्होंने पहले स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया था. सुधार नहीं होने पर 3 जनवरी को उन्हें समस्तीपुर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान मौत हो गई.
वहीं बबलू को गंभीर स्थिति में उन्हें पटना रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई है. मृतक की बहू राधा देवी ने आरोप लगाया कि गांव के ही शराब धंधेबाज अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा ने जहरीली दारू बेची थी. शराब की बोतलों पर टेट्रा पैक अंकित था और वह 6 माह पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी.
इधर घटना के बाद आरोपी धंधेबाज गांव छोड़कर फरार हो गया है. बताते चले कि इस मामले को लेकर मृतक की बहू ने एक लिखित शिकायत स्थानीय थाना की पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और वरीय पदाधिकारी को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय और सदर एसडीओ दिलीप कुमार मुसरीघरारी थाने पहुंचकर मृतक के परिजन से पूरी जानकारी लेकर मामले की जांच में जुट गए.
इस संबंध में सदर एसडीपीओ वन संजय कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. जांच के लिए एफएसएल टीम गठित की गई है. चिकित्सकीय रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं लोगों का कहना था कि शराबबंदी वाले बिहार में शराब माफिया की बल्ले बल्ले है. उसे ना कानून का डर है और ना ही नियमों के पालन करने का. शराबबंदी वाले बिहार में पीने और पिलाने का दौड़ चल रहा है. पीने वाले को होम डिलीवरी, ब्रांड डिलीवरी, बेड डिलीवरी और कोड डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है. प्रशासन को मालूम है लेकिन कार्रवाई की दिशा में कभी ठोस कदम शिकायत करने के बाद जो भी नहीं उठाया जाता है अक्सर राजनीतिक दल शराबबंदी को लेकर राजनीतिक सियासत जरूर करते हैं. इसमें और सुधार होना चाहिए और गांव के गलियारों चौक चौराहा शहर के मोहल्ले में भी जागरूकता अभियान चलाना चाहिए.

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