धीरेन्द्र पाण्डेय/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: औरंगाबाद जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है. नवीनगर प्रखंड अंतर्गत चरण उच्च विद्यालय में बच्चों के सामने ही एक शिक्षक की जूते से पिटाई किए जाने का आरोप लगा है. इस घटना ने न केवल विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शिक्षा के पवित्र माहौल को भी कलंकित किया है. घटना में औरंगाबाद शहर के कर्मा रोड निवासी सहायक शिक्षक गयासुद्दीन गंभीर रूप से जख्मी हो गए. पीड़ित शिक्षक ने विद्यालय के हेडमास्टर धर्मराज कुमार और क्लर्क अमिताभ कुमार सिंह ‘अमर’ पर मारपीट का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.
पीड़ित शिक्षक गयासुद्दीन का कहना है कि वह प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी समय पर विद्यालय पहुंचे थे. उस समय हेडमास्टर द्वारा शिक्षकों के अराइवल और डिपार्चर रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज की जा रही थी. आरोप है कि प्रभारी हेडमास्टर अपने चहेते शिक्षकों को देर से आने के बावजूद पहले अराइवल और बाद में डिपार्चर दिखाते है. इसी बात पर आपत्ति जताने पर हेडमास्टर आगबबूला हो गए. शिक्षक के अनुसार, जब उन्होंने कहा कि विद्यालय में मनमानी नहीं चल सकती, तो हेडमास्टर ने खुद को सर्वेसर्वा बताते हुए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया. मामला देखते ही देखते बहस से मारपीट में तब्दील हो गया. आरोप है कि हेडमास्टर ने जूता निकालकर शिक्षक पर हमला कर दिया. बच्चों और अन्य शिक्षकों के सामने हुई इस घटना से विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई. बाद में अन्य शिक्षकों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को संभाला.
घटना के बाद जख्मी शिक्षक ने उक्त विद्यालय से स्थानांतरण की मांग की है. उनका कहना है कि इस तरह के भय और तनावपूर्ण माहौल में बच्चों को पढ़ाना संभव नहीं है. उन्होंने हेडमास्टर और क्लर्क से अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की भी मांग की है. वहीं, हेडमास्टर धर्मराज कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सहायक शिक्षक लगातार चार दिनों से विद्यालय देर से आ रहे थे और रजिस्टर में गलत समय भर रहे थे. समय पालन की बात कहने पर उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी. हेडमास्टर के अनुसार, पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. फिलहाल मामला अधिकारियों के संज्ञान में है. अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है.
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