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रांची/डेस्क: झारखंड के सिमडेगा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ACB ने केरसई प्रखंड में पदस्थापित एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. बुधवार को ACB की टीम ने प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) अनिल खलखो को 8,000 रुपये की घूस स्वीकार करते हुए दबोच लिया. इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
शिकायत के बाद हरकत में आई ACB
जानकारी के अनुसार, केरसई थाना क्षेत्र के टेंसोर नवाटोली निवासी रंजीत खाखा ने ACB रांची कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके विद्यालय में मिड-डे मील योजना के तहत अंडा और फलाहार वितरण के लिए कुल 1,42,638 रुपये आवंटित किए गए थे. खर्च के बाद 33,426 रुपये की राशि शेष बची थी, जिसका प्रतिवेदन जमा करने के लिए वह BRCC कार्यालय पहुंचे थे. आरोप है कि प्रतिवेदन स्वीकार करने और प्रक्रिया पूरी करने के बदले BPO अनिल खलखो ने उनसे 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की.
रिश्वत नहीं देने पर कार्रवाई की दी गई धमकी
परिवादी के अनुसार, रिश्वत की रकम नहीं देने पर उनके खिलाफ उच्च अधिकारियों से कार्रवाई कराने की धमकी भी दी गई. बाद में बातचीत के दौरान कथित तौर पर रिश्वत की राशि घटाकर 8,000 रुपये कर दी गई. रंजीत खाखा ने रिश्वत देने के बजाय मामले की जानकारी ACB को देने का फैसला किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई.
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
ACB ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया. जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या 12/26 दर्ज किया गया. इसके बाद ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया. बुधवार को जैसे ही अनिल खलखो ने शिकायतकर्ता से 8,000 रुपये की रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
आगे की जांच जारी
ACB अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस तरह की शिकायतें पहले भी तो सामने नहीं आई थीं और क्या मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका है.
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