मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: एनके एरिया की केडीएच परियोजना खदान से सटे विश्रामपुर करकट्टा क्षेत्र में गुरुवार देर शाम अचानक कई घरों की दीवारों में दरार पड़ने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने बताया कि गुरूवार की शाम करीब 6 बजे के बाद धीरे-धीरे कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ने लगी, जिससे घरों में रहने वाले परिवारों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए. घटना को लेकर बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू ने बताया कि करकट्टा स्थित उनके घर की दीवारों में भी दरार पड़ी है, दरारों को देखते ही उनके परिवार के लोग घबरा गए और आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकलकर स्थिति का जायजा लेने लगे. वहीं रतिया गंझू ने सीसीएल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर आंदोलन और धरना करते आ रहे हैं.
प्रबंधन की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया कि प्रभावित लोगों को मुआवजा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इस दिशा में प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीएल प्रबंधन केवल खनन कार्य पर ध्यान दे रहा है, जबकि खदान के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. रतिया गंझू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दायर करेंगे. इधर खदान क्षेत्र के आसपास बार-बार जमीन धंसने और मकानों में दरार पड़ने की घटनाओं से करकट्टा क्षेत्र में रह रहे परिवारों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन से जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है.
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