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रांची/डेस्क: डायन-बिसाही का आरोप लगाकर महिला की हत्या करने की आरोपी बाशो देवी उर्फ बसंती देवी को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई गयी है. साथ ही 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त सजा भुगतना होगा. अपर न्याययुक्त अमित शेखर की कोर्ट ने सजा सुनाई. हत्या का मामला 23 जुलाई 2022 को नामकुम थाना क्षेत्र के जामुनटोली गांव का है. सुबह करीब 5 बजे सीमा देवी चापाकल के पास बर्तन धो रही थी. तभी आरोपी ने सीमा देवी के सिर पर साबल से कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्याकांड को अंजाम डायन-बिसाही का आरोप लगाकर कर दी गई थी. जिसका प्रत्यक्षदर्शी गवाह मृतिका के पति चामू लोहरा है. आरोपी बसंती देवी का बेटा बीमार चल रहा था. जिसका आरोप मृतिका पर डायन-बिसाही का करने की लगाती थी. प्राथमिकी के अनुसार मृतिका के पति चामू लोहरा के भाई जीतराम लोहरा की मृत्यु साल 2012 में हो गई थी. जिसके 2 साल बाद जीतराम लोहरा के एक लौटे पुत्र कृष्णा लोहरा की भी मौत सड़क दुर्घटना में हो गई थी.
वहीं, मृतिका और उनके पति भी निःसंतान थे. लिहाजा चामू और उनके भाई जीतराम लोहरा के जमीन को हड़पने के लिए आरोपी द्वारा डायन बिसाही का आरोप लगाकर मृतिका को प्रताड़ित, बदनाम और मारपीट की जाती थी. और फिर 23 जुलाई 2022 को महिला की हत्या कर दी गई. घटना के बाद नामकुम पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. हालांकि चार्जशीट महज एक आरोपी बाशो देवी उर्फ बसंती देवी के खिलाफ दाखिल की गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों के बयान दर्ज की गई थी. जिसके आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई.
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