विरेन्द्र शर्मा/न्यूज़11 भारत
बरही/डेस्क: सिक्स लेन हाईवे के निर्माण ने रफ्तार की उम्मीद जगाई थी, लेकिन हकीकत में यह रोज़ाना घंटों के जाम में बदल गया है. स्थानीय लोगों की जानकारी के मुताबिक बरही रोड पर लगभग 8 किलोमीटर और गया रोड पर करीब 7 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही. जीटी रोड पर महुदी मोड़ से सरदारपुर तक तो हालात रोज़मर्रा के हो गए हैं — सुबह से शाम तक रेंगता ट्रैफिक, धूल, गड्ढे और अधूरे कट.
क्या हो रहा है सड़क पर
कहीं सड़क को बीच से काट कर छोड़ दिया गया है, कहीं गहरे गड्ढे हैं. निर्माण कंपनी ने डायवर्जन तो बनाए, पर साइन बोर्ड और पानी छिड़काव नहीं. बारिश के बाद मिट्टी धंसने से एक लेन पूरी तरह बंद हो जाती है, बाकी लेन पर दोनों तरफ से गाड़ियां आमने-सामने फंसती हैं. यात्रियों का कहना है कि एंबुलेंस, स्कूल बस और दूध-सब्जी के वाहन भी घंटों फंसे रहे. "ऑफिस के लिए निकले थे सुबह 7 बजे, महुदी मोड़ पार करने में ही 3 घंटे लग गए," एक दैनिक यात्री ने बताया.
प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय लोगों ने कई बार थाना, अनुमंडल और NHAI के प्रोजेक्ट ऑफिस में शिकायत की, पर अब तक न तो वैकल्पिक सर्विस लेन पूरी हुई, न ही जाम हटाने के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई.
आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?
सड़क बन रही है भविष्य के लिए, पर आज जो रोज़ फंस रहा है, उसकी सुनवाई कौन करेगा? निर्माण कंपनी, NHAI और जिला प्रशासन को मिलकर तुरंत डायवर्जन दुरुस्त करने, गड्ढे भरने और पीक ऑवर में मैनपावर लगाने की जरूरत है — वरना विकास के नाम पर ये जाम स्थायी दर्द बन जाएगा.