झारखंड के युवाओं के नाम CM हेमंत सोरेन ने लिखा पत्र,  कहा- संवाद आपकी भागीदारी के बिना अधूरा 

झारखंड के युवाओं के नाम CM हेमंत सोरेन ने लिखा पत्र,  कहा- संवाद आपकी भागीदारी के बिना अधूरा 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं के नाम पत्र लिखा है.

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न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं के नाम पत्र लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि झारखंड के मेरे सभी युवा साथियों, जोहार! मेरा हमेशा से यह विश्वास रहा है कि संवाद से ही सुधार आते हैं और संवाद आपकी भागीदारी के बिना अधूरा है.

झारखंड के लाखों युवाओं के सपने हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. जब कोई छात्र वर्षों तक मेहनत करता है, तो उसके साथ केवल उसका भविष्य ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती है. इसलिए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष, विश्वसनीय और समयबद्ध बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है.

सभी जानते हैं कि वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आयोग और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल सकी. हमारी सरकार ने समस्याओं से मुंह मोड़ने के बजाय उन्हें स्वीकार किया और एक-एक कर सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किए.

राज्य गठन के बाद पहली बार हमारी सरकार ने JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की. परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर रोक लगाने के उद्देश्य से सख्त कानूनी व्यवस्था भी लागू की गई. यह कानून झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए बनाया गया. उस समय इस पर अनेक प्रकार की आलोचनाएँ भी हुई, लेकिन हमारा विश्वास था और आज भी है कि ईमानदार विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं.

आज देश के अनेक राज्यों को भी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे समय में हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि समाधान का रास्ता भी दिखाए.

हम झारखंडी हैं. हमारे पूर्वजों ने हमें कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारना सिखाया है. हमने मिलकर कोरोना जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया. उसी आत्मविश्वास के साथ मुझे विश्वास है कि आपके सहयोग से झारखंड परीक्षा सुधार के क्षेत्र में भी एक नई मिसाल कायम करेगा.

हमारी सरकार का प्रयास है कि झारखंड के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और अवसर मिले. इसी उद्देश्य से नियुक्ति प्रक्रियाओं में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं. झारखंडी फर्स्ट की भावना के साथ हम स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा और उनके लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

आज 25 वर्ष का झारखंड एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है. यह केवल सरकार की यात्रा नहीं, बल्कि हम सभी झारखंडवासियों की साझा यात्रा है. इस यात्रा को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका युवाओं की होगी.

साथियों, हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं. लेकिन ऐसा केवल सरकार अकेले नहीं कर सकती. इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण भागीदार आप हैं. इसी उद्देश्य से हमने "छात्रों की बात छात्रों के साथ" अभियान प्रारंभ किया है.

झारखंड के प्रत्येक जिले, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान और प्रत्येक छात्र-छात्राओं से आग्रह करता हूँ कि खुलकर अपने सुझाव दीजिए-

  • परीक्षा प्रणाली में क्या-क्या कमी दिखाई देती है, हमें बताइए.
  • यदि आपके पास कोई बेहतर व्यवस्था का सुझाव है, उसे साझा कीजिए.
  • यदि आपने किसी समस्या का सामना किया है, उसका अनुभव लिखिए.
  • यदि आपके पास कोई नया समाधान है, उसे हमारे साथ साझा कीजिए.

आपके प्रत्येक सुझाव का अध्ययन किया जाएगा. विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण किया जाएगा और जहाँ भी संभव होगा, उन्हें नियमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप तय समय सीमा के अन्दर लागू करने का प्रयास किया जाएगा.

क्योंकि यह केवल परीक्षा सुधार का विषय नहीं है. यह झारखंड के युवाओं के विश्वास का, लाखों परिवारों के सपनों का, राज्य के भविष्य का विषय है.

मैं आप सभी युवा साथियों से आग्रह करता हूँ कि इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनें और अपने सुझाव नीचे दिए गए पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें-
https://samvad.jharkhand.gov.in

आइए, हम सब मिलकर ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाएं जिस पर हर छात्र गर्व कर सके और भरोसा कर सके.