नवादा के कौआकोल में हाथियों के झुंड ने खेत की रखवा

नवादा में हाथियों का आतंक, खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को कुचला, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बिहार के नवादा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ हाथियों के एक झुंड ने कोहराम मचाते हुए एक अधेड़ व्यक्ति की जान ले ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

गजराज का तांडव: बिंदीचक गांव में मातम

कौआकोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिंदीचक गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जंगली हाथियों के एक दल ने 55 वर्षीय राजाराम पासवान पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि राजाराम अपने खेतों की रखवाली कर रहे थे, तभी अचानक हाथियों ने उन्हें घेर लिया और कुचल दिया। हमले में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

हादसे की जानकारी मिलते ही गांव के लोग उग्र हो गए और सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से हाथियों के आतंक के साए में जी रहे हैं। हाथियों द्वारा लगातार फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन विभाग की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वन विभाग केवल खोखले आश्वासन देता है, जबकि धरातल पर हाथियों को रिहाइशी इलाकों से दूर रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि अगर विभाग सतर्क होता, तो एक मासूम ग्रामीण की जान बचाई जा सकती थी।

मौके पर पहुंचा प्रशासन, मुआवजे का भरोसा

तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उचित सरकारी मुआवजा दिलाने का वादा किया। हालांकि, ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों के आतंक को रोकने के लिए जल्द ही कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग खौफ के साए में हैं।