बिहार MLC चुनाव के आखिरी दिन स्वास्थ्य मंत्री निशा

ढाई करोड़ की लैंड क्रूजर से नामांकन का पर्चा भरने पहुंचे पावर स्टार, पवन सिंह समेत इन चेहरों ने भी किया नॉमिनेशन

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. पर्चा दाखिल करने के अंतिम दिन आज विधानसभा परिसर में एनडीए (NDA) और महागठबंधन के उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. एनडीए खेमे में भारी उत्साह देखा गया, जहां बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार वरिष्ठ नेता संजय झा के साथ विधानसभा पहुंचे और अपनी उम्मीदवारी का पर्चा भरा. नामांकन के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वे उच्च सदन के सदस्य के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

लग्जरी गाड़ी और समर्थकों का हुजूम: चर्चा में रहा पावर स्टार पवन सिंह का नॉमिनेशन

आज के नामांकन में सबसे ज्यादा सुर्खियां बीजेपी नेता और भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह ने बटोरीं. पवन सिंह जब अपनी करीब 2.5 करोड़ रुपये की कीमती लैंड क्रूजर गाड़ी से विधानसभा पहुंचे, तो वहां मौजूद हर शख्स की नजरें उन पर टिक गईं. उनके साथ उनके बड़े भाई गुड्डू सिंह और समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी. भाई के नामांकन पर खुशी जताते हुए गुड्डू सिंह ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. हालांकि, इस दौरान खुद पवन सिंह ने मीडिया के कैमरों के सामने कुछ भी बोलने से परहेज किया.

एनडीए नेताओं का जमावड़ा बनाम महागठबंधन की 'अकेली' एंट्री

पर्चा दाखिल करने के दौरान एनडीए ने एकजुटता का बड़ा संदेश दिया. विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और चिराग पासवान समेत बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी रही. इसके विपरीत, विपक्षी महागठबंधन की ओर से कोई बड़ी हलचल या सीनियर लीडर नजर नहीं आया. राजद (RJD) कोटे से सुनील कुमार सिंह सुबह बिल्कुल अकेले ही अपना नामांकन दाखिल करने विधानसभा पहुंचे थे.

दीपक प्रकाश का टिकट कटने पर क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार?

इस चुनाव में एनडीए की तरफ से कुल 9 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से महज एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा है. बीजेपी की सूची से निवर्तमान एमएलसी दीपक प्रकाश का नाम गायब होने पर जब जेडीयू के कद्दावर नेता और मंत्री श्रवण कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ी चतुराई से बात संभाली. श्रवण कुमार ने कहा कि टिकट देना या न देना पूरी तरह से बीजेपी का अंदरूनी मामला था, और उनकी पार्टी ने ही दीपक प्रकाश को इस बार लिस्ट में जगह नहीं दी है.