पटना में गैस की कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग पर होगी

Patna News: पटना में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस, DM ने दिए छापेमारी और गिरफ्तारी के सख्त आदेश

न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: पटना में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और वितरण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी ने वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। डीएम ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि गैस की कालाबाजारी, ओवरप्राइसिंग या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

अफवाहों पर लगाम और 28 धावा दलों की तैनाती

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया या पब्लिक डोमेन में फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह का तुरंत खंडन करने का निर्देश दिया। गैस की जमाखोरी रोकने और शिकायतों के निपटारे के लिए प्रखंड स्तर पर 28 विशेष धावा दलों का गठन किया गया है। ये टीमें शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेंगी और छापेमारी करेंगी।

घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर होगी जेल

होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को रोकने के लिए सेक्टर, जोनल और सुपर जोनल दंडाधिकारियों को तैनात किया गया है। डीएम ने कहा कि अगर कहीं भी घरेलू सिलेंडर का गलत इस्तेमाल पाया जाता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाली गैस एजेंसियों और बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध एस्मा एक्ट (ESMA) और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मिशन मोड में पीएनजी और प्रवासियों का ख्याल

जिला प्रशासन अब जिले में पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा को मिशन मोड में उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रवासी श्रमिकों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जनप्रतिनिधियों और आम जनता से लगातार 'फीडबैक' लेकर व्यवस्था को और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

उपभोक्ताओं से अपील: पैनिक बुकिंग न करें

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि फिलहाल उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग कर रहे हैं और पैनिक (अफरा-तफरी) की स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही बुकिंग करें। किसी भी शिकायत के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) को और भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।