बिहार के इस जिले में पिछले दो दिनों में चार सर कटे लाशें और अलग अलग बॉडी के पार्ट्स बरामद, अभी तक पहचान नहीं
न्यूज 11 भारत/ बिहार डेस्क (अजीत कुमार, कैमूर ) बिहार के कैमूर जिले का रामगढ़ इलाका इन दिनों दहशत के साये में है। महज 48 घंटे के भीतर एक के बाद एक चार सिरकटी लाशें और शरीर के क्षत-विक्षत हिस्से मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। अपराधियों के इस दुस्साहस ने पुलिस की कार्यप्रणाली और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देर रात बोरे में मिले शव, मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल
मंगलवार की देर रात रामगढ़ थाना क्षेत्र के अभैदे गांव के पास कर्मनाशा नदी के किनारे बोरे में बंद दो शव और शरीर के अन्य हिस्से मिलने की सूचना मिली। खबर मिलते ही कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला और एसडीपीओ प्रदीप कुमार समेत करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) और डीआईयू (DIU) की टीमों को भी बुलाया गया, जिन्होंने देर रात तक घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
शवों की पहचान बनी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिनों में रामगढ़ इलाके से कुल चार शवों के हिस्से बरामद हुए हैं, जिनमें एक बच्चा, एक पुरुष और एक महिला शामिल है। चौथे शव की स्थिति संदेहास्पद है, जिसके बारे में पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया है कि उनकी पहचान करना फिलहाल नामुमकिन बना हुआ है।
"10 मई को दुर्गावती नदी और अब अभैदे गांव के पास शवों के हिस्से मिले हैं। बच्चे के कपड़ों पर एक टेलर का नाम मिला है, जिसकी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। हम आसपास के जिलों से गुमशुदगी के आंकड़ों का मिलान कर रहे हैं।" — प्रदीप कुमार, एसडीपीओ, मोहनिया
पुलिस की अपील: गायब लोगों की जानकारी दें
पुलिस प्रशासन ने इस मामले को सुलझाने के लिए आम जनता और मीडिया से सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी का कोई सगा-संबंधी या परिचित गायब है, तो तत्काल स्थानीय थाने को सूचित करें। वर्तमान में रामगढ़ थाना परिसर और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोका जा सके।