सम्राट चौधरी की खुली छूट का दिखने लगा असर, खगड़िया में पुलिस की गोली से ढेर होते-होते बचा टॉप-10 का कुख्यात बदमाश
न्यूज 11 भारत / बिहार : बिहार में बेलगाम अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'एक्शन मोड' जारी है। ताजा मामला खगड़िया जिले का है, जहां पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बेलदौर थाना क्षेत्र के सुखाय बासा गांव में हुई एक भीषण मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जिले के टॉप-10 अपराधियों में शुमार और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मोहम्मद बुद्दीन को हाफ एनकाउंटर में दबोच लिया। गोली लगने से घायल बदमाश को इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने घेरा, बदमाश ने शुरू कर दी फायरिंग
खगड़िया के एसपी राकेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी मोहम्मद बुद्दीन अपने पैतृक गांव सुखाई बासा में छुपा हुआ है। इस इनपुट के आधार पर STF और स्थानीय जिला पुलिस ने मिलकर एक विशेष रणनीति बनाई और गांव में छापेमारी की। पुलिस की भनक लगते ही मोहम्मद बुद्दीन और उसके साथियों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में लगी गोली, खूंखार अपराधी के खौफ का हुआ अंत
बदमाशों की तरफ से गोलियां चलते ही पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षार्थ मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में मोहम्मद बुद्दीन के पैर में पुलिस की गोली लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और पकड़ा गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी क्रॉस फायरिंग में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई है। एसपी के मुताबिक, मोहम्मद बुद्दीन का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और अकेले बेलदौर थाने में ही उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और लूट जैसे गंभीर अपराधों के 14 मामले दर्ज हैं।
किशनगंज में भी हुआ था ऐसा ही 'इलाज', दो पुलिसकर्मी हुए थे जख्मी
बिहार में अपराधियों के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले बीते गुरुवार की देर रात किशनगंज में भी पुलिस और अपराधियों के बीच ऐसी ही जोरदार मुठभेड़ देखने को मिली थी। वहां नगर थाना क्षेत्र के फरिंगगोला रेलवे गुमटी के पास पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी पवन कुमार उर्फ चिंटू को पैर में गोली मारकर घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था। हालांकि, उस कड़े मुकाबले में दो जांबाज पुलिस अधिकारी भी जख्मी हुए थे।
सरकार की 'खुली छूट' के बाद एक्शन में बिहार पुलिस: 48 घंटे का अल्टीमेटम
बिहार में पिछले कुछ दिनों से अपराधियों के खिलाफ बैक-टू-बैक हो रहे एनकाउंटर इस बात का सबूत हैं कि खाकी अब पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना चुकी है। दरअसल, सरकार की तरफ से पुलिस को कानून व्यवस्था चुस्त करने के सख्त निर्देश मिले हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ लफ्जों में पुलिस को खुली छूट देते हुए कहा है कि राज्य में कहीं भी वारदात होने के 48 घंटे के भीतर अपराधियों को उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा। इसी का नतीजा है कि आज बिहार पुलिस अपराधियों के लिए काल बन चुकी है।