बिहार के सभी निबंधन कार्यालय हुए पेपरलेस, अब घंटों का काम होगा मिनटों में; रिकॉर्ड भी रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के हर जिले में, बगहा से लेकर पटना तक, रजिस्ट्री कार्यालयों को आधुनिक मशीनों, हाई-स्पीड स्कैनर्स और तेज इंटरनेट सेवा से जोड़ दिया गया है। अब आपको रजिस्ट्री के लिए भारी-भरकम फाइलें ढोने की जरूरत नहीं होगी। बगहा के सब-रजिस्ट्रार अंबुज कुमार कुणाल के मुताबिक, तकनीकी रूप से सभी दफ्तर 100% अपडेट हो चुके हैं और कर्मचारियों को इस नई प्रणाली के लिए खास ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
बायोमेट्रिक से होगी पहचान
जमीन की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने सुरक्षा का सख्त घेरा तैयार किया है। अब डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) सत्यापन को अनिवार्य बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जमीन का असली मालिक ही लेनदेन कर रहा है। डेटा सुरक्षित होने से भविष्य में कागजों से छेड़छाड़ की संभावना भी खत्म हो जाएगी।
दलालों और अवैध वसूली का खेल खत्म
इस नई पेपरलेस व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रहार बिचौलियों पर होगा। पूरी प्रक्रिया इतनी पारदर्शी और आसान बनाई गई है कि आम आदमी को किसी 'तीसरे व्यक्ति' की मदद लेने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि निबंधन कार्यालयों के बाहर चक्कर लगाने वाले और अवैध वसूली करने वाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समय की बचत और तुरंत मिलेगी रसीद
डिजिटल रजिस्ट्री होने से आम जनता का कीमती समय बचेगा। अब 'सर्टिफाइड कॉपी' के लिए हफ़्तों इंतज़ार नहीं करना होगा। दस्तावेजों को ऑनलाइन स्कैन और अपलोड किया जाएगा, जिससे भविष्य में रिकॉर्ड निकालना बहुत आसान होगा। साथ ही, जमीन के नक्शे और खतियान का मिलान भी सॉफ्टवेयर के जरिए पल भर में हो जाएगा।
बस एक आदेश और शुरू होगा नया युग
यद्यपि तकनीकी स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन फिलहाल विभाग की ओर से अंतिम आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही अधिसूचना की प्रति कार्यालयों तक पहुंचेगी, बिहार में रजिस्ट्री का एक नया और आधुनिक अध्याय शुरू हो जाएगा।