Thursday, September 25, 2025

चोटों को मात देकर चमके ये क्रिकेटर, जज्बे से रचा नया इतिहास

Editor Name: News11 Bharat

खेल में खिलाड़ी का सबसे बड़ा हथियार उसका जुनून होता है. क्रिकेट में कई ऐसे दिग्गज रहे जिन्होंने उंगली, पैर की उंगली, या आंख तक खोने के बाद भी हार नहीं मानी और मैदान पर कमाल किया. आइए जानते है. ऐसे जांबाज़ क्रिकेटरों की कहानी.

न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल ने 13 साल की उम्र में एक्सीडेंट में पैर की तीन उंगलियां खो दी, फिर भी उन्होंने क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई. गप्टिल ने 47 टेस्ट, 198 वनडे और 122 टी20 मैच खेले, वनडे में 18 और टी20 में 2 शतक जड़े.

क्रिकेट के गैरी सोबर्स ने बचपन में अतिरिक्त उंगलियां खो दी, फिर भी उन्होंने कमाल किया. 11 उंगलियों से खेलना शुरू किया और बाद में दूसरी उंगली भी निकालवाई. सोबर्स ने 6 गेंद में 6 छक्के मारकर इतिहास रचा.

एंटीगुआ में नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते समय अनिल कुंबले को गंभीर चोट लगी और जबड़ा टूट गया. बावजूद इसके उन्होंने 20 मिनट बल्लेबाजी की और बाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 ओवर लगातार फेंककर ब्रायन लारा को आउट किया.

अजीम हफीज ने 18 टेस्ट में 63 विकेट लिए, जबकि उनके दाहिने हाथ की दो उंगलियां नहीं थी. बाएं हाथ से गेंदबाजी कर उन्होंने युवा वसीम अकरम को प्रेरित किया, जिन्होंने भी कमी के बावजूद कीर्तिमान बनाए.

बर्ट आयरनमॉन्गर की बाईं तर्जनी बचपन में कट गई थी, लेकिन उन्होंने 46 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया. अधूरी उंगली के बावजूद उन्होंने बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी की और 18 से कम की औसत से विकेट लिए.

भारतीय लेग स्पिनर भगवत चंद्रशेखर को बचपन में पोलियो हुआ था, जिससे उनका दायां हाथ कमजोर था. फिर भी उन्होंने 58 टेस्ट में 242 विकेट लिए और अपनी अनोखी गेंदबाजी से बल्लेबाज़ों को चौंकाया.

द्वितीय विश्वयुद्ध में लियोनार्ड हट्टन ने करियर के छह साल खो दिए और बाएं हाथ के दो इंच गंवा दिए. बावजूद इसके, उनकी बल्लेबाज़ी की क्षमता बनी रही और वे इंग्लैंड के महान बल्लेबाजों में शामिल हुए.

1968 में मोटरबोट एक्सीडेंट में फ्रेड टिटमस की चार उंगलियां कट गई. इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा.

न्यूजीलैंड ऑलराउंडर जैकब ओरम की 2007 में उंगली टूट गई थी. उन्होंने मज़ाक में कहा कि उंगली कटवा दूंगा, लेकिन पूरी तरह ठीक होकर मैदान में लौटे और हंसते हुए सबको मज़ाक समझाया.

इंग्लैंड के बल्लेबाज कॉलिन मिलबर्न की एक कार दुर्घटना में बाईं आंख चली गई, जिससे उनका करियर खत्म हो गया. 1990 में 48 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.