बालूशाही एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है जो कई राज्यों में बेहद पुराने समय से खाई जा रही है. बालूशाही को देसी डोनट भी कहा जाता है.
अक्सर लोग इसे घर पर बनाने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसकी परतें सही नहीं बनेंगी या ये अंदर से सख्त हो जाएगी.
लेकिन आज हम इसे बनाएंगे शेफ रणवीर बरार की खास रेसिपी के साथ जिसके बाद आपके लिए इन्हें बनाना चुटकियों का खेल होगा.
इसके लिए आपको 2 कप, घी (मोयन के लिए)- 1/2 कप (पिघला हुआ) और दही: 1/4 कप (हल्का खट्टा हो तो बेहतर है), चाशनी के लिए चीनी.
एक बड़े बर्तन में मैदा लें. अब इसमें घी डालें. रणवीर बरार की टिप यह है कि इसे गूंधना नहीं है. बस उंगलियों से क्रंबल करना है ताकि घी मैदे में समा जाए.
अब दही डालें और बहुत हल्के हाथों से सिर्फ आटे को इकट्ठा करें. ध्यान रहे कि आटे को चिकना नहीं करना है.
जितनी ज्यादा दरारें आटे में होंगी, बालूशाही उतनी ही परतदार बनेगी. इसे 15 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें.
आटे की छोटी लोइयां तोड़ें और बिना ज्यादा दबाए उन्हें गोल करें. कढ़ाई में घी गरम करें. तेल/घी गुनगुना होना चाहिए गरम नहीं.
बालूशाही डालें और उसे खुद ऊपर तैर कर आने दें. इसे धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें. यही खस्तापन का असली राज है.
एक तार की चाशनी तैयार करें. गरम बालूशाही को हल्की गरम चाशनी में 5-7 मिनट के लिए डुबोएं और फिर निकाल लें. आपकी खस्ता बालूशाही तैयार हैं.