दुनिया के अधिकांश देशों के पास अपनी सेना मौजूद है. हालांकि कुछ देशों में सैनिकों की संख्या कम है, लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश भी है, जिनकी अपनी कोई स्थायी सेना नहीं है.
कुछ देशों में सेना नहीं होने के पीछे अलग-अलग वजहें है. कई देशों ने समय के साथ अपनी सैन्य व्यवस्था को समाप्त कर दिया, जबकि कुछ देश आर्थिक कमजोरी और संसाधनों की कमी के कारण स्थायी सेना नहीं बना सके.
कई देशों का मानना है कि वो सेना पर नहीं, हेल्थ, एजुकेशन के साथ देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए पैसा खर्च करते हैं.
कोस्टा रिका ने 1948 में सेना खत्म कर दी थी. पनामा में सिक्योरिटी के लिए सेना नहीं सार्वजनिक सुरक्षा बल है.
वेटिकन सिटी में सुरक्षा के लिए स्विस गार्ड हैं. वहीं मोनाको में छोटी सुरक्षा इकाइयां और फ्रांस सहयोग करता है.
लिकटेंस्टीन, अंडोरा, समोआ, तुवालू, नाउरू, डेमिनिका भी वो देश हैं जिनके पास अपनी सेना तक नहीं है.
जिन देशों के पास अपनी सेना नहीं होती, वे सुरक्षा के लिए मित्र देशों, अंतरराष्ट्रीय समझौतों और कूटनीतिक संबंधों पर निर्भर रहते है. ऐसे देशों की रक्षा में उनके सहयोगी देश महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.