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रांची/डेस्क: अब आकाशीय बिजली यानी वज्रपात से होने वाली मौतों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती हैं. मौसम विज्ञान और तकनीक के मेल से एक ऐसा मोबाइल एप तैयार किया गया है, जो बिजली गिरने से पहले ही लोगों को सतर्क कर देगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और IITM पुणे की संयुक्त पहल से विकसित यह तकनीक लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं.
हर साल देशभर में सैकड़ों लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं. खेतों में काम करने वाले किसान, खुले में सफर करने वाले लोग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं. वज्रपात एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जो अचानक आती है और संभलने का मौका तक नहीं देती. इसी खतरे को कम करने के लिए ‘Damini App’ विकसित किया गया हैं. यह एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों पर नजर रखता है और यूजर की लोकेशन के आसपास 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में होने वाली गतिविधियों को ट्रैक करता हैं.
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह संभावित वज्रपात से करीब 40 मिनट पहले ही मोबाइल पर अलर्ट भेज देता हैं. जीपीएस तकनीक के जरिए जैसे ही किसी इलाके में बिजली गिरने की संभावना बनती है, वैसे ही यूजर को तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाता हैं. इससे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता हैं.
एप में एक खास मैप फीचर भी दिया गया है, जिसके जरिए यूजर पूरे देश में कहां-कहां आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, इसकी जानकारी ले सकते हैं. इसके अलावा एप में अलर्ट को अलग-अलग रंगों में दिखाया जाता है, जिससे खतरे का स्तर समझना आसान हो जाता हैं. येलो रंग करीब 10 मिनट पहले की चेतावनी देता है, जबकि ब्लू रंग 15 मिनट पहले ही सतर्क कर देता हैं.
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