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रांची/डेस्क: भारत में हर साल हजारों लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं. खासकर गांव, खेत और जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह खतरा हमेशा बना रहता है लेकिन अब तकनीक इस खतरे से बचाने के लिए आगे आ चुकी हैं. 'Big 4 Mapper' और 'SERPENT' जैसे मोबाइल ऐप लोगों को सांपों से जुड़े जोखिम के बारे में पहले ही अलर्ट कर रहे हैं. ये ऐप न सिर्फ जहरीले सांपों की पहचान बताते है बल्कि सांप काटने की स्थिति में सही इलाज और फर्स्ट एड की जानकारी भी देते हैं.
मैप देखकर पहले ही हो जाएंगे सतर्क
इन ऐप्स की सबसे खास बात इनका 'मैपिंग फीचर' है यानी अगर किसी इलाके में पहले सांप देखा गया है तो उसकी लोकेशन ऐप में दर्ज रहती हैं. यूजर मैप के जरिए यह देख सकता है कि उसके आसपास कौन-से इलाके ज्यादा जोखिम वाले हैं. यह फीचर खास तौर पर किसानों, जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और रात में बाहर काम करने वालों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा हैं. इससे लोग पहले से सावधान रह सकते हैं और संभावित खतरे वाले इलाकों से बच सकते हैं.
जहरीला है या नहीं? ऐप बताएगा तुरंत
अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप खतरनाक है या नहीं. डर और घबराहट में कई बार गलत फैसले भी हो जाते हैं. ऐसे में यह ऐप तस्वीरों और जानकारी के जरिए सांप की पहचान करने में मदद करता हैं. यूजर अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के बारे में जान सकता है और समझ सकता है कि कौन-सा सांप जहरीला है और कौन नहीं. इससे लोगों में जागरूकता बढ़ती है और बेवजह का डर भी कम होता हैं.
भारत के सबसे खतरनाक 'Big 4' सांपों पर खास फोकस
यह ऐप खास तौर पर भारत के चार सबसे जहरीले और खतरनाक सांपों यानी “Big 4” पर फोकस करता हैं. इनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर, वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं. देश में सांप काटने से होने वाली ज्यादातर मौतें इन्हीं चार प्रजातियों की वजह से होती हैं. ऐप इनकी पहचान, व्यवहार और खतरे के स्तर के बारे में आसान भाषा में जानकारी देता हैं.
सांप काटने पर क्या करें, क्या नहीं?
इन ऐप्स में सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी गाइड भी दी गई हैं. अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो तुरंत क्या करना चाहिए और कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए, इसकी पूरी जानकारी आसान भाषा में उपलब्ध कराई गई हैं.
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