न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अस्मित सिन्हा ( संवाददाता ) / पटना - पटना स्थित 5, देशरत्न मार्ग में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने 3 मई की मध्य रात्रि में हुए हादसे और उसके बाद की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस की तत्परता के कारण इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो सराहनीय है।
हाईलाइट्स -
- CM ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तत्काल लागू करने का आदेश दिया
- IIT-NIT विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी
- लापरवाही पर अभियंता निलंबित
- मुफ्त स्टीमर सेवा और वैकल्पिक रूट शुरू
- सभी पुलों के ऑडिट और मेंटेनेंस पर सख्ती
- नए 4 लेन पुल निर्माण में तेजी के निर्देश
वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया कि सेतु के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहे। साथ ही गंगा पार करने के लिए पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों हेतु मुफ्त स्टीमर सेवा शीघ्र शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी, जल्द होगा रेस्टोरेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्स्थापन के लिए विशेषज्ञों से तकनीकी प्रतिवेदन प्राप्त कर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। इस दिशा में आईआईटी पटना और एनआईटी पटना के विशेषज्ञों की टीम को भागलपुर भेजा गया है, जो घटना के कारणों की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लापरवाही पर गिरी गाज, अभियंता निलंबित
सेतु के अनुरक्षण में लापरवाही के आरोप में कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ भागलपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
वैकल्पिक रुट से यातायात संचालन, प्रशासन अलर्ट
फिलहाल उत्तर बिहार से आने वाले वाहनों को श्रीकृष्ण सेतु, मुंगेर के रास्ते भागलपुर पहुंचने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस वैकल्पिक मार्ग पर यातायात को सुव्यवस्थित रखा जाए ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सभी पुलों के ऑडिट और मेंटेनेंस पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी बड़े पुलों का एसओपी के तहत ऑडिट कराने का निर्देश दिया और कहा कि पुलों के नियमित मेंटेनेंस में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं करेगा, उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
नए 4 लेन ब्रिज निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनाए जा रहे नए 4 लेन पुल के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पुल भविष्य में क्षेत्र के यातायात दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही उन्होंने सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और नाव संचालन में एसओपी के पालन पर विशेष जोर दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ० चंद्रशेखर सिंह, एन०एच०आई० के प्रतिनिधिगण सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुये थे।
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