न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद भी शासन की निरंतरता बनाए रखने का संकेत साफ दिख रहा है, जहां नई सरकार ने ‘नीतीश मॉडल’ पर चलने की प्रतिबद्धता जताई है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजेंद्र यादव के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। यह राजनीतिक संदेश भी है कि बदलाव के बावजूद प्रशासनिक ढांचा और विकास की दिशा अचानक नहीं बदलेगी। अब असली चुनौती इस मॉडल को नई ऊर्जा के साथ लागू करने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की होगी।
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद डिप्टी सीएम बने विजय कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना नीतीश कुमार के विश्वास का परिणाम है। चौधरी ने स्पष्ट किया कि वे इस भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
हाईलाइट्स -
- विजय चौधरी ने नीतीश कुमार के प्रति जताया आभार
- नई सरकार ‘नीतीश मॉडल’ पर करेगी काम
- सम्राट चौधरी भी योजनाओं को आगे बढ़ाने के पक्ष में
- विजेंद्र यादव ने टीमवर्क पर दिया जोर
- सरकार में निरंतरता और स्थिरता का संदेश
नीतीश मॉडल पर चलेगी सरकार
विजय चौधरी ने कहा कि बिहार की नई सरकार उसी मार्ग पर काम करेगी, जो नीतीश कुमार ने वर्षों में स्थापित किया है। उन्होंने नीतीश कुमार की कार्यशैली को “अद्भुत” बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जो योजनाएं शुरू हुईं, उन्हें आगे बढ़ाना ही सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसी दिशा में काम करने की बात कही है।
अनुभव से मिली सीख, आगे भी उसी पर भरोसा
डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखा है। यही अनुभव अब नई सरकार के संचालन में काम आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली में निरंतरता बनी रहेगी और जनता के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं है। वहीं डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव ने भी साफ किया कि नई सरकार टीमवर्क के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी मिलकर बिहार के विकास के लिए काम करेंगे और बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगे।
विजेंद्र यादव: संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़
विजेंद्र यादव बिहार की राजनीति के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। वे कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और संगठन से लेकर सरकार तक उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है।
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